वरीय पुलिस पदाधिकारियों के आदेश की हो रही हे अवहेलना ,कुछ ही पुलिसकर्मियों के गलत मंशा के कारण हो जाती हे महकमे की बदनामी।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय

एक तरफ दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक जीरो टॉलरेंस पर थाना चलाने के लिये थानाध्यक्ष को आदेश- निर्देश देते रहते हे और भरसक प्रयास करते रहते हे कि थाना और कार्यालय में आये आगुन्तको/ फरियादियों को न्याय मिल सके ,वहीं कुछ थाने की पुलिसकर्मी /पदाधिकारी ऐसे हे जो अपनी हरकत से बाज नहीं आते हे और कोई ना कोई गलत हरकत कर देते हे ,इस कारण पुरा महकमा बदनाम होता हे।
कोतवाली थाना की पुलिस ने मोटरसाईकिल चोरी के मामले में आवेदन देने गये फरयादियो से जिस तरह से  दुर्व्यवहार किया वह अशोभनीय हे। यही नहीं थाने पर उनके बैठने का तरीका देखिये ,सादे लिबास में पुलिसकर्मी /पदाधिकारी थाना पर बैठे हुये हे और खैनी लगा रहें हे। इन्हें यह पता नहीं हे कि इसी हरकत के कारण वरीय पुलिस अधीक्षक ने हाल में ही पतोर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया था। बात यही खत्म नहीं होती वहां बैठे पुलिस कर्मियों ने फरियादी संजय कुमार पोद्दार एवं उनके साथ गये दिलखुश कुमार के साथ जो दुर्व्यवहार किया ,वह कहीं से भी किसी दृष्टिकोण से भी सही नहीं था ,गलत था।

वजह प्राथमिकी और सनहा के अलग अलग रेट बताए गये थे ,पीड़ित ने कहा सर इसका रशीद मिलेगा ,बस क्या था  मोबाईल छीना गया ,और दिलखुश को चांटे मारे गये। यह आरोप संजय और दिलखुश दोनों लगा रहें हे हालांकि इस दौरान थानाध्यक्ष नीतीश कुमार वहां मौजूद नहीं थे।

थानाध्यक्ष नीतीश ने इस मामले में प्राथमिकी(78/25) दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया हे।उन्होंने कहा प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया हे।

एक सितंबर को थानाध्यक्ष शिक्षक के उस कोचिंग संस्थान तक गये ,जहां से उनकी उनकी मोटर साईकिल चोरी हुई थी, शिक्षक से पूछताछ भी की और भरोसा भी दिलाया कि गाड़ी बरामद करने का पुलिस भरसक प्रयास करेगी।

यहां बता दे कि पुलिस मुख्यालय का कई बार आदेश आ चुका हे कि थाना पर आये फरयादियो से अच्छा व्यवहार करें ,उसे पानी पिलाये फिर पूछे कि आप किस काम से आये हे लेकिन इस आदेश को पुलिसकर्मी कैसे धज्जिया उड़ा रहें हे।

यही नहीं मुख्यालय का ही आदेश हे कि थाने /ऑफिस में काम कर रहें पुलिसकर्मी /पदाधिकारी को वर्दी में तैनात रहना हे लेकिन कोतवाली पुलिस इस आदेश की भी धज्जिया उड़ा रहें हे। वीडियो में देखा जा सकता हे और सुना जा सकता हे कि कह रहें हे कि एक मामले में फोर्स जाएगा ,दूसरे मामले में एसपी खुद जाएंगे।इसका क्या मतलब हे ,यह तों जांचकर्ता जांच के बाद बता सकते हे।

सादे लिबास में खैनी लगाते पुलिस कर्मी का वीडियो देखिये और आवाज सुनिये 

 

सड़क किनारे शहर के बीचोंबीच थाने के कर्मी खैनी चुनाते हुये सादे वर्दी में तैनात रहेंगे तों भगवान ही मालिक हे,और हरकत ऐसी रही तों पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल उठना लाजमी हे।