दरभंगा में गलत तरीके से हो रहे नाला निर्माण पर मेयर,डिप्टी मेयर और पार्षदों ने प्रमंडलीय आयुक्त को दिया ज्ञापन।

दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /

दरभंगा शहर में बुडको द्वारा बनाए जा रहे 270 करोड़ रुपये की लागत वाले नाले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पार्षदों का आरोप है कि नाले का निर्माण बिना किसी सही योजना और जानकारी के बेतरतीब तरीके से किया जा रहा है। इसी को लेकर मंगलवार को मेयर अंजुम आरा,डिप्टी मेयर नाजिया हसन और कई पार्षदों ने प्रमंडलीय आयुक्त कौशल किशोर से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की नाला निर्माण की समीक्षा हो और जहां गलत तरीके से नाला बनाया गया है,वहां उसे तोड़कर दोबारा सही तरीके से बनाया जाए।पार्षदों का कहना है कि नाले का निर्माण मनमाने ढंग से हो रहा है। शहर की मुख्य सड़कों पर 6 से 10 फीट तक सरकारी जमीन छोड़कर नाले बनाए जा रहे हैं,जिससे आगे चलकर सफाई और अन्य निर्माण कार्यों में परेशानी होगी।नाला निर्माण को लेकर पहले भी पार्षद नवीन सिन्हा और भाजपा नेता अंकुर गुप्ता ने जिलाधिकारी को शिकायत किए थे। इसके बाद राज्यसभा सांसद धर्मशिला गुप्ता ने भी नगर निगम की बैठक में इस पर सवाल उठाए थे। पार्षदों का कहना है कि निगम की जानकारी के बिना नाले का निर्माण हो रहा है। न तो निर्माण की कोई योजना दी गई और न ही किसी पार्षद को बताया गया कि उनके क्षेत्र में काम कब और कैसे होगा। कई जगहों पर पहले से बने अच्छे नालों को तोड़कर नया नाला बना दिया गया,जिससे जनता के पैसे की बर्बादी हो रही है।बुडको द्वारा निर्माण में पार्षदों को कोई जानकारी नहीं दी गई। मापी के बिना और सरकारी जमीन छोड़कर नाले बनाए जा रहे हैं। पुराने अच्छे नालों को भी तोड़ा जा रहा है। भविष्य में एलिवेटेड रोड और ओवरब्रिज की योजना से नया बना नाला बेकार हो सकता है। पानी,बिजली,गैस जैसी सुविधाओं से भी कोई तालमेल नहीं है। जनता को पहले से कोई सूचना नहीं दी जा रही। प्रमंडलीय आयुक्त कौशल किशोर ने सभी शिकायतें सुनीं और पार्षदों को भरोसा दिया कि वे सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम को सही करवाएंगे। उन्होंने कहा कि जहां गलत निर्माण हुआ है,उसे एजेंसी को तोड़कर दोबारा बनाना होगा। इसके लिए अपर समाहर्ता अनिल चौधरी को जांच का निर्देश दिया गया है। दरभंगा शहर में नाला निर्माण को लेकर जनता और जनप्रतिनिधि दोनों चिंतित हैं। पार्षदों का कहना है कि बिना प्लान और समन्वय के हो रहा यह काम आने वाले समय में जनता के लिए परेशानी बन सकता है। प्रशासन ने जांच और सुधार का भरोसा दिया है,अब देखना होगा कि कार्रवाई कब तक होती है।