पारस ग्लोबल हॉस्पिटल में 35 साल के युवक की कूल्हे की सफल सर्जरी
पारस ग्लोबल हॉस्पिटल में 35 साल के युवक की कूल्हे की सफल सर्जरी
पारस ग्लोबल हॉस्पिटल में 35 साल के युवक की कूल्हे की सफल सर्जरी
दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /
पारस ग्लोबल हॉस्पिटल,दरभंगा के सीनियर कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स डॉ.ज्ञान रंजन एम.एस.ऑर्थोपेडिक्स ने 35 साल के युवक के कूल्हे की सर्जरी कर उसकी जान बचा ली। सहरसा निवासी शिवम कुमार की एक गंभीर सड़क हादसे में स्थिति नाजुक हो गई थी। हादसा इतना भयावह था कि कूल्हे के जोड़ के सॉकेट वाले हिस्से एसिटाबुलम वॉल को तोड़कर हिप ज्वाइंट बाहर निकल गया था। कई डॉक्टरों से दिखाने के बाद वह दरभंगा के पारस ग्लोबल हॉस्पिटल में पहुंचा था। उसका काफी ब्लड लॉस हो चुका था इसलिए डॉक्टरों ने पहले 2 यूनिट ब्लड ट्रांसफ्यूज किया फिर उसे सर्जरी के लिए तैयार किया गया। एसिटाबुलम वॉल फ्रैक्चर होने के कारण उसका हिप ज्वाइंट टूट गया था। इसलिए पहले हिप ज्वाइंट को ठीक किया गया फिर बाद में एसिटाबुलम वॉल को रिपेयर किया गया। सर्जरी के बाद मरीज बिल्कुल स्वस्थ है और चौथे दिन उसे डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। सर्जरी डॉ.ज्ञान रंजन के नेतृत्व में एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. प्रदीप,डॉ.गणेश के साथ अन्य सहयोगी नीरज और बलवंत की टीम ने किया।
डॉ. ज्ञान रंजन ने बताया कि मरीज की सफल सर्जरी की गई और अब वह खतरे के बिल्कुल बाहर है। इस तरह की गंभीर दुर्घटना में जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचना चाहिए। अत्यधिक ब्लड लॉस हो जाने पर समस्या बढ़ सकती है। पारस हॉस्पिटल के जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि चिकित्सा के क्षेत्र में दरभंगा का पारस ग्लोबल हॉस्पिटल नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। यहां अत्याधुनिक तकनीक से लैस इलाज की सुविधा उपलब्ध है,जिसके कारण लोग दूर-दूर से यहां पहुंच रहे हैं। पारस ग्लोबल अस्पताल के बारे में 100 बिस्तरों वाले पारस ग्लोबल दरभंगा में एक ही स्थान पर सभी चिकित्सा सुविधाएं हैं। हमारे पास एक आपातकालीन सुविधाए उच्च योग्य और अनुभवी डॉक्टरों के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र है। पारस इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर बिहार में अपनी विशेषज्ञताए बुनियादी ढांचे और व्यापक कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के लिए प्रसिद्ध है।