कुशेश्वरस्थान,संवाददाता

बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ के आह्वाहन पर ग्राम पंचायत के अधिकारों में कटौती के खिलाफ अपने विभिन्न मांगों को लेकर 16 अगस्त से 31 अगस्त तक ग्राम पंचायत के कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। साथ ही 31 अगस्त तक ग्राम पंचायतों के सभी कार्यों का भी बहिष्कार करने की बात कहीं। जिसमें मुखिया संघ अपने 19 मांगो को लेकर 22 अगस्त को कुशेश्वरस्थान पूर्वी एवं कुशेश्वरस्थान पश्चिमी के सभी मुखिया प्रखंड मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना का भी आयोजन किया जाएगा।
आवेदन में बताया गया कि ग्राम सभा में पारित निर्णयों में पालन नही कर के राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार अपना पत्र निकालकर पत्र के अनुरूप कार्य करने का निर्देश देती है इससे ग्राम सभा का कोई महत्व ही नही रह जाता है। अगर ऐसा होता है तो आम जनता ग्राम सभा की जनता क्यों भाग लेगी। ग्राम सभा से चयनित योजनाओं को प्राथमिकता नही देकर सरकार अपना हस्तक्षेप शुरू कर दी है जो बंद होना चाहिए।
वहीं मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में ब्रेडा कंपनी असफल हो चुकी है। इस योजना को सरकार ग्राम पंचायत को सौंप देना चाहिए।
पंचायतों में बंद पड़े कबीर अन्त्येष्टि योजना को चालू किया जाना चाहिए और सभी प्रकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन को गति प्रदान करना चाहिए क्योंकि आज भी सभी लोगो को पेंशन की लाभ नही मिल पा रही है। वहीं अपराधियों के द्वारा हत्या कर दिए गए मुखिया के परिजनों को पच्चास लाख तक मुआवजा तथा दोषियों के खिलाप स्पीड ट्रायल के माध्यम से त्वरित कार्यवाई करने का प्रावधान करें। तथा ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों का वेतन भत्ता बढ़ा कर दस हजार रुपया किया जाय। वहीं दूसरी ओर मुखिया संघ कुशेश्वरस्थान पूर्वी के अध्यक्ष छेदी राय एवं कुशेश्वरस्थान पश्चिमी के अध्यक्ष विमलचंद खां ने बताया कि 31 अगस्त तक मुखिया संघ द्वारा उठाई गई मांग पर सरकार विचार नही करती है तो आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।