बिरौल अनुमंडल मुख्यालय पर शांतिपूर्ण जनप्रदर्शन के माध्यम से जल संकट समाधान की मांग।

जल संकट का अतिशीघ्र हो निदान–विद्या भूषण

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

बिरौल प्रखंड में लंबे समय से व्याप्त भीषण जल संकट से त्रस्त जनता ने आज मिथिला स्टूडेंट यूनियन के नेतृत्व में एक शांतिपूर्ण, लेकिन प्रभावी जनप्रदर्शन कर प्रशासन को अपनी पीड़ा से अवगत कराया। प्रदेश सचिव नवीन साहनी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन का उद्देश्य न केवल प्रशासन को जगाना था, बल्कि यह संदेश देना भी था कि मिथिला की जनता अब अपने मौलिक अधिकारों और जरूरतों को लेकर जागरूक है और संगठित होकर अपनी आवाज उठाने को तैयार है। धरना में उपस्थित एमएसयू नेता विद्या भूषण राय ने प्रशासन की निष्क्रियता पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिरौल प्रखंड के दर्जनों गांव आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने नल-जल योजना को केवल कागजों पर चलने वाली योजना करार दिया। राय ने बताया कि वार्डों में पाइपलाइनें टूटी पड़ी हैं, पानी की टंकियां सूखी हैं और मोटरें महीनों से खराब पड़ी हैं, जिससे जनता को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।एम एस यू ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए निम्नलिखित प्रमुख मांगें प्रस्तुत कीं जिसमें हर पंचायत और वार्ड में नल-जल योजना की तत्काल मरम्मत कर उसे सुचारू रूप से संचालित किया जाए। खराब पंप मोटरों को बदलकर जलस्रोतों की बहाली सुनिश्चित की जाए। स्थायी जलापूर्ति हेतु वैकल्पिक और आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएं। बिरौल प्रखंड के जलसंकट प्रभावित इलाकों की विशेष पहचान कर राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम लागू हो। पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच हो एवं जल-जन स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाए जाएं। मिथिला की धरती अब अन्याय के विरुद्ध चुप नहीं रहेगी’ एम एस यू ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह केवल पानी की समस्या नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य,मानवीय गरिमा और संविधान में प्रदत्त अधिकारों का प्रश्न है। संगठन ने प्रशासन को 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो अगला चरण अधिक तीव्र होगा, जिसमें अनुमंडल कार्यालय का घेराव और व्यापक जनांदोलन शामिल होगा। प्रदेश सचिव नवीन साहनी ने जोर देते हुए कहा, “सरकार की जिम्मेदारी है कि जनता को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराए। यदि यह न्यूनतम सुविधा भी देने में राज्य असफल रहता है, तो हम चुप नहीं बैठ सकते। मिथिला की धरती अब अन्याय के विरुद्ध चुप नहीं रहने वाली।”प्रदर्शन में मिथिला स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अविनाश भारद्वाज, मिथिलावादी आंदोलन के वरिष्ठ नेता विद्या भूषण राय, जुझारू युवा नेता गोपाल चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र कुमार, जिला संयोजक सत्यम सिंह, प्रखंड अध्यक्ष प्रियांशु मिश्रा सहित कई नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर आंदोलन को नई ऊर्जा और दिशा दी।मौके पर मो.कलाम,अजय सिंह,उमेश साहू, वसीम, राज शहजादा, शिवम प्रणब, मुकेश मुखिया, नौशाद आलम, रामबाबू यादव, बैद्यनाथ शर्मा, बैजू मंडल, मुरारी मंडल, रमेश राय, मो. जफर, मो.अलाउदीन, मिथिलेश पासवान, रणधीर चौपाल, सुरेश ठाकुर, अशोक साह, शिवकुमार सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक भी इस प्रदर्शन में शामिल थे।