दरभंगा के अदालत का बड़ा फेसला :लगमा गांव के मदन मोहन चौधरी हत्याकांड में पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास ,पांचों जुर्मियो को एक एक लाख अर्थदंड चुकाने का आदेश।
दरभंगा के अदालत का बड़ा फेसला :लगमा गांव के मदन मोहन चौधरी हत्याकांड में पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास ,पांचों जुर्मियो को एक एक लाख अर्थदंड चुकाने का आदेश।
दस्तक 7मीडिया दरभंगा/विधि संवाददाता
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की कोर्ट ने सकतपुर थानाक्षेत्र के लगमा गांव के मदन मोहन चौधरी हत्या मामले में पांच अभियुक्तों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट यह सजा मनीगाछी थानाक्षेत्र के बलौर निवासी सुनील कुमार झा, और सकतपुर थाना क्षेत्र के लगमा गांव के किशोर कुमार चौधरी, राघवेंद्र चौधरी, ध्रुव कुमार चौधरी और सिद्धार्थ शंकर चौधरी को सुनाई है। वहीं कोर्ट ने पांचो जूर्मियों को एक-एक लाख रुपये अर्थदंड चूकाने का आदेश दिया है।शुक्रवार को अदालत ने सभी अभियुक्तों का सजा अवधि निर्धारण के बिन्दु पर अभियोजन और वचाव पक्ष का वहश सुनने के बाद भादवि की धारा 302(मानववध) सश्रम आजीवन कारावास और 50 हजार रुपया अर्थदंड, तथा धारा 120(b) में आजीवन कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।अर्थदंड नही जमा करने पर सभी दोषियों को एक -एक बर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इस मामले का सुचक तथा मृतक का बहनोई मोहन चौधरी ने बताया कि वे लगातार न्याय की बाट जोह रहे थे।कोर्ट ने जूर्मियों को सजा देकर न्याय किया है।लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने कहा कि श्री शंकर संस्कृत विद्यालय लगमा में शिक्षक नियुक्ति विवाद के कारण पहली जनवरी 2016 की रात में सभी अभियुक्तों ने मृतक को बुलाकर किशोर चौधरी के दुकान के निकट हत्या कर शव को फेंक दिया था।जिसकी प्राथमिकी सकतपुर थानाकांड सं.01/16 दर्ज की गई।न्यायालय में इसका बिचारण सत्रवाद सं.229/17 के तहत चल रही थी।पी पी श्री झा ने कहा कि सुचक ने उन्हें अधिवक्ता अधिकृत किया था। वे एपीपी रेणू झा के माध्यम से न्यायालय में अपना पक्ष रखा।पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने आगे बताया कि हत्यारों ने मृतक के शरीर और चेहरे को पहचान मिटाने के उदेश्य से कुचल दिया था।मशक्कत के बाद परिजनों ने शव की शिनाख्त उसके कपड़े और बांह के दाग से किया था।ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष से न्यायालय में दस गवाहों की गवाही और आठ प्रदर्श दाखिल किया।कोर्ट ने शुक्रवार को न्याय निर्णय किया है।
पटना उच्च न्यायालय के विख्यात अधिवक्ता पंडित ताराकांत झा की वकालत खाना में मनायी गयी जयंती ,वकीलों ने किया नमन।अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि विधान परिषद के सभापति पद पर भी रहें थे आसीन।
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