केवटी थाना क्षेत्र के अन्दामा गांधी चौक पर रंगदारो का कहर ,कार के शीशे तोड़े , लोहे के रॉड और पिस्टल के बट से रंगदारो ने चिकित्सक को पीटा, मोबाइल समेत पैसे छीने ,धमकी दी रंगदारी तों देना पड़ेगा ,वह भी हर महीने।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय 

केवटी थाना की पुलिस रंगदारो के सामने नतमस्तक हो जाती हे ,तभी तों घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं करती हे। अगर ऐसा नहीं हे तों एक चिकित्सक के साथ रंगदारो ने रंगदारी मांगी ,उनके चार चक्का गाड़ी को क्षतिग्रस्त किया ,मोबाईल समेत कई सामान जबरन लेकर गया। सूचना पर डायल 112की पुलिस पहुंची यही नहीं थाना पुलिस पहुंची ,डॉक्टर को अस्पताल में पुलिस ने भर्ती कराया , उनके क्षतिग्रस्त गाड़ी को एक दिन तक थाना पर रखा फिर गाड़ी छोड़ा ,इतना होने के बावजूद अबतक थाना में प्राथमिकी दर्ज नहीं करना ,केवटी थाना के पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल उठता हे।अगर समय रहते ऐसे रंगदारो पर पुलिस कारवाई नहीं करती हे तों ऐसे थाना का वहां रहने या नहीं रहने से आम लोंगों का क्या मतलब, और यही कारण हे कि जगह जगह ऐसे रंगदारो के द्वारा पटाखे की तरह गोलिया छोड़ी जाती हे ,यही गोंली कल हवा में नहीं छोड़कर ऐसे रंगदार किसी के सीने में दाग देगी  ?दरभंगा के कई ऐसे थानेदार हे जो आपराधिक घटनाओं को लेकर सुस्त दिखाई पड़ती हे ताकि कांडों का बोझ उनपर नहीं पड़े।

हम बात कर रहें हे केवटी थाना के शेखपुर निवासी डॉ॰ मुर्तुजा के पुत्र डॉ॰ अनवर अशरफ की ,जो दरभंगा के शिवधारा में अपना क्लीनिक चलाते हे। घटना 7जुलाई 25की हे। अपने क्लीनिक से वे अपनी कार से घर जा रहें थे। अन्दामा गांधी चौक के पास जब पहुंचे तों एक बुल्लेट मोटरसाइकिल बींच सड़क पर खड़ी थी। इन्होंने काफी हॉर्न बजाया। इसके बावजूद बुल्लेट को नहीं हटाया गया। डॉ॰ अनवर जब कार से उतर रहें थे इतने में गांव के ही दो रंगदार अमित यादव और मिथिलेश यादव गाड़ी के दोनों खिड़की पर गाली देते हुये कहा कि कमाते हो तों दस हजार रुपये हर महीने रंगदारी देना पड़ेगा । डॉ॰ अनवर ने कहा कि रंगदारी तों हम नहीं देंगे। इतना सुनते ही रंगदारो ने  लोहे का रॉड लाकर  शीशे पर प्रहार किया ,गाड़ी का दोनों शीशा टूट गया इतना ही नहीं गाड़ी के कई जगहों पर रॉड से मारा गया।इसके बाद रंगदारो ने  कालर पकड़कर डॉक्टर को बाहर खींच लिया ।इतना ही नहीं कमलेश यादव बुल्लेट स्टार्ट कर कार में सामने से धक्का मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया।कमलेश ने पिस्टल निकाला और पिस्टल की बट से डॉ॰ के सर ,गला और कंधे पर मारा।लोहे के रड से आंख पर भी मारा जिस कारण खून बहने लगा और वह गिर गया। इसके बाद गाड़ी में रखे बैग को दोनों रंगदारो ने ले लिया जिसमें 12हजार रुपये नगद ,एक मोबाईल जिसमें दो सिम क्रमशः 9006484001,9155128888के अलावे डॉ॰ के पत्नी का पासबुक ,चेक बुक ,मेट्रिक और बीडीएस का सर्टिफिकेट था लेकर चला गया।
डॉ॰ अनवर ने कहा कि मोबाईल नहीं रहने की वजह से दूसरे लोंगों से मोबाईल मांगकर डायल 112पर फोन लगाया ,एसएसपी समेत थाना को भी सूचना दिया। डायल 112समेत थाना की पुलिस आयी,और मुझे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने डीएमसीएच भेज दिया जहां से इलाज कराकर अपने घर आया।

इस संबंध में थाना को आवेदन दिया लेकिन थानाध्यक्ष ने ना ही अबतक प्राथमिकी दर्ज की हे ना ही कोई कारवाई। डॉ॰ ने कहा कि इस बाबत बृहस्पतिवार को भी थाना गया लेकिन थानाध्यक्ष ने कहा रुकिये देखते हे।चिकित्सक ने इस संबंध में सारी जानकारी देते हुये थाना को आवेदन दिया हे जिसमें सारी बातों का उल्लेख हे।

 

जिला में अगर पुलिसिया कार्यशैली यही रही तों शायद पुलिस पर से लोंगों का भरोसा उठ जाएगा और रंगदारो का मनोबल बढ़ना स्वाभाविक हे।

इधर थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों गाड़ी टकरा गई थी ,लेकिन प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान किया जाएगा।