दरभंगा जिले में गहराता जल संकट: बिरौल और अलीनगर में हाहाकार। लोग व्यवस्था के विरुद्ध आंदोलन के मूड में।
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
दरभंगा जिले के कई प्रखंडों में इन दिनों गंभीर जल संकट ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। विशेष रूप से बिरौल प्रखंड के सहस्रराम और सुपौल पंचायत,नगर पंचायत बिरौल पंचायतों के साथ-साथ अलीनगर प्रखंड के सभी 11 पंचायतों के ग्रामीण इलाकों में स्थिति बेहद विकट है। पेयजल की किल्लत से आम लोग त्रस्त हैं, और स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
चापाकल सूखे, नल-जल योजनाएं ठप–
समस्या की जड़ में भूजल स्तर का तेजी से नीचे जाना है, जिसके कारण गांवों में लगे अधिकांश चापाकल पानी देना बंद कर चुके हैं। दुखद है कि सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल का जल’ योजना भी इन इलाकों में अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। कई पंचायतों में जल-नल की पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त पड़ी हैं, और टंकियां सिर्फ दिखावा बनकर रह गई हैं। इससे स्पष्ट है कि योजना का क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है। इस विकट स्थिति को देखते हुए बिरौल प्रखंड अंतर्गत सहसराम पंचायत निवासी व मिथिला वादी नेता विद्या भुषण राय ने जल समस्या का समाधान जल्द नहीं होने पर व्यवस्था के विरोध में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। वहीं नगर पंचायत बिरौल के ललन सिंह, सुपौल पंचायत के अजय कुमार झा, लक्ष्मण सहनी,मो.शद्दाम सहित कई लोगों का आरोप है कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग जिसे अब ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत पेयजल आपूर्ति का जिम्मा सौंपा गया है, जो स्थिति को संभालने के बजाय और भी बिगड़ गई है।