संवाद कार्यक्रम के आयोजन से ग्रामीण इलाकों में जागरूकता और भागीदारी की नई लहर
संवाद कार्यक्रम के आयोजन से ग्रामीण इलाकों में जागरूकता और भागीदारी की नई लहर
संवाद कार्यक्रम के आयोजन से ग्रामीण इलाकों में जागरूकता और भागीदारी की नई लहर
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
दरभंगा जिले में महिला संवाद कार्यक्रम के आयोजन से ग्रामीण इलाकों में जागरूकता और भागीदारी की एक नई लहर देखने को मिल रही है। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ रहा है,वैसे-वैसे महिलाओं,किशोरियों और पुरुषों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है।
जिले के 50 ग्राम संगठनों में यह कार्यक्रम गुरुवार को आयोजित किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के उज्जवा पंचायत में मोर ग्राम संगठन द्वारा आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी ने भाग लिया और उपस्थित महिलाओं को प्रेरित किया।
उन्होंने विशेष रूप से उन महिलाओं से अपील की जो अब तक किसी कारण जीविका से नहीं जुड़ पाई हैं कि वे आगे आ कर इस अभियान का हिस्सा बनें।
डॉ. गार्गी ने बताया कि जीविका के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। यह पहल न केवल आर्थिक रूप से,बल्कि स्वास्थ्य,रोजगार,सामाजिक चेतना और महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं को मजबूत बना रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित महिलाओं को प्राथमिकता के साथ समूहों से जोड़ा जा रहा है ताकि वे भी विकास की मुख्यधारा में आ सकें।
बीपीएम अन्नू कुमारी ने कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के लिए एक प्रभावशाली मंच बनकर उभरी है,। जिसने उन्हें योजनाओं की जानकारी,सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत हुई है।।
कार्यक्रम में कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि सरकारी योजनाओं ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं।
उन्होंने सड़क,बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार का उल्लेख किया,साथ ही क्षेत्र में बाढ़ और जलजमाव जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग भी रखी। इसके अलावा,उन्होंने जलीय कृषि,पौधों की उपलब्धता और मक्का आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई।
महिलाओं ने शिक्षा,स्वास्थ्य और स्थायी स्वरोजगार के क्षेत्र में सरकार से अधिक प्रयास करने की अपेक्षा भी प्रकट की।
कार्यक्रम के आयोजन में जिला कार्यालय से नरेश कुमार, आशीष कुमार,मनोरमा कुमारी तथा बीपीआईयू से अमित कुमार, चंदन कुमार, नागेन्द्र कुमार और बबीता कुमारी सहित कई कैडर सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहेंगी, खुद को सशक्त बनाएंगी और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेंगी।
उन्होंने बाल विवाह,घरेलू हिंसा और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों से अपने गांव को मुक्त करने और आदर्श गांव के निर्माण में योगदान देने का प्रण लिया।
यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं को बोलने और विचार साझा करने का मंच दे रहा है,बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास,नेतृत्व और सामाजिक चेतना को भी मजबूत कर रहा है।
महिला संवाद की यह पहल महिलाओं के जीवन में ठोस बदलाव लाने के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है।