स्मार्ट मीटर हटाने, उत्पादों की बिक्री के लिए ग्रामीण बाजार और छात्रावास की रखी मांग।
खगड़िया चैधा बन्नी में सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। इसमें देश बचाओ अभियान के तहत कसरैया धार को पर्यटन स्थल बनाने पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता अभियान के संस्थापक अध्यक्ष किरण देव यादव ने की। उन्होंने कहा कि कसरैया धार नेशनल हाईवे 31 के चैधा बन्नी से लेकर महेशखूंट-चौथम रोड के पटकरैल मोड़ पुल तक 8 से 10 किलोमीटर में फैला है। यहां रंग-बिरंगी मछलियों और प्रवासी पक्षियों का बसेरा है। बड़ी संख्या में हर साल प्रवासी पक्षी यहां आते हैं। किरण देव यादव ने कहा कि धार के दोनों किनारों पर घने पेड़-पौधे हैं। जलकुंभी जैसे पौधों की सफाई कर इसे सुंदर बनाया जा सकता है। यहां नौका विहार की अपार संभावनाएं हैं। यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। यहां की मछलियों की मांग पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में है।
उन्होंने बताया कि कसरैया धार को पर्यटन स्थल बनाने की मांग कई बार सांसद और विधायकों ने सदन में उठाई है। सामाजिक कार्यकर्ता भी लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिससे यह क्षेत्र उपेक्षित है। बैठक में पूर्व जिला पार्षद अरुण यादव, सरपंच रविंद्र यादव, मनोज कुमार, पूर्व मुखिया अरुण सिंह, संयोजक मधुबाला, महासचिव उमेश ठाकुर सहित कई लोग शामिल हुए। किरण देव यादव ने कहा कि जल्द विस्तारित बैठक कर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की जाएगी। सरकार से मांग की गई कि कसरैया धार को पर्यटन स्थल का दर्जा दिया जाए। आंदोलन की रूपरेखा तैयार करते लोग।
खगड़िया /मानसी जिले के अलग-अलग प्रखंडों के 24 ग्राम संगठनों में महिला संवाद कार्यक्रम हुआ। मानसी प्रखंड के वार्ड 11, चकहुसैनी पंचायत में 40 दीदियों ने शौचालय की मांग रखी। पूरबी ठठा पंचायत के वार्ड 14 में प्राइमरी स्कूल में बालिका छात्रावास की जरूरत बताई गई। अलौली के हरिपुर पंचायत में महिलाओं ने अपने उत्पादों की बिक्री के लिए ग्रामीण बाजार और हाट की मांग की।
इसी पंचायत में हाई स्कूल परिसर में खेल स्टेडियम बनाने की बात भी रखी गई। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने महिला संवाद कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम 18 अप्रैल से चल रहा है। हर प्रखंड में महिला संवाद रथ लगातार घूम रहा है। इन गाड़ियों में एलईडी स्क्रीन, वीडियो फिल्म, सेल्फी प्वाइंट, स्टैंडी, लीफलेट वितरण और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा है। हर वाहन रोज दो कार्यक्रम कर रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत में लीडर दीदी या टीम लीडर माइक पर सभी महिलाओं से सामूहिक शपथ दिलवाती हैं।
जब 200 महिलाएं एक साथ शपथ लेती हैं, तो गांव में उनकी आवाज गूंजती है। इससे सकारात्मक ऊर्जा और संकल्प का संदेश समाज को मिलता है। बच्चों को साइकिल और पोशाक योजना का लाभ मिल रहा है। सरकार की योजनाएं गांव तक पहुंची हैं। कई जगहों से आवास और शौचालय की मांग सामने आई है। अधिकतर स्थानों पर महिलाओं ने स्मार्ट मीटर हटाने की बात कही है। ग्राहक सेवा केंद्र, महिला चौकी, बस और शौचालय की भी मांग की गई है।
महिलाएं जीविका भवन, बकरी शेड, वृद्धा पेंशन और विधवा पेंशन में बढ़ोतरी, जलजमाव की समस्या और खेल मैदान की जरूरत जैसे मुद्दों पर सुझाव दे रही हैं। महिलाएं योजनाओं की जानकारी ले रही हैं ताकि आगे उसका लाभ उठा सकें। साथ ही वे यह भी बता रही हैं कि सरकार से उन्हें क्या अपेक्षाएं हैं। सभी सुझावों को संकलित कर प्राथमिकता तय की जा रही है। उसका दस्तावेज तैयार किया जा रहा है। यह दस्तावेज जिला प्रशासन और राज्य सरकार को भेजा जाएगा ताकि उस पर नीतिगत निर्णय लिया जा सके।
