बिरौल व्यवहार न्यायालय में पहली बार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार तिवारी ने किया कैंप कोर्ट, दर्जनों मामलों की हुई सुनवाई।
बिरौल व्यवहार न्यायालय में पहली बार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार तिवारी ने किया कैंप कोर्ट, दर्जनों मामलों की हुई सुनवाई।
बिरौल व्यवहार न्यायालय में पहली बार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार तिवारी ने किया कैंप कोर्ट, दर्जनों मामलों की हुई सुनवाई।
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
बिरौल के व्यवहार न्यायालय के इतिहास में बुधवार को एक महत्वपूर्ण दिन दर्ज हुआ। पहली बार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दरभंगा,विनोद कुमार तिवारी ने स्वयं बिरौल में कैंप कोर्ट लगाकर दर्जनों महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की। इस पहल से क्षेत्र के वादकारियों और अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल है, क्योंकि अब उन्हें अपने मामलों की सुनवाई के लिए दरभंगा मुख्यालय तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। निर्धारित समय पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री तिवारी बिरौल व्यवहार न्यायालय परिसर पहुंचे। कैंप कोर्ट के लिए न्यायालय परिसर में विशेष व्यवस्था की गई थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कैंप कोर्ट में मुख्य रूप से जमीन विवाद, पारिवारिक मामले, और छोटे आपराधिक मामलों की सुनवाई हुई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री तिवारी ने सभी पक्षों को ध्यान से सुना और कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कुछ मामलों में अगली तारीख भी निर्धारित की गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर सुनवाई होने से सभी पक्ष संतुष्ट दिखे।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन बिरौल के अध्यक्ष श्री बच्चे लाल झा, सचिव राजकपूर पांडेय, अधिवक्ता नटवर कुमार मिश्र,मो.नूर आलम, उत्तम चौपाल, रामविलास यादव, मृनाल मिश्र सहित कई अधिवक्तागण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कैंप कोर्ट बिरौल के लोगों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। अब उन्हें अपने मामलों की पैरवी के लिए समय और धन दोनों की बचत होगी। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार के कैंप कोर्ट का आयोजन होता रहेगा।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि उनका उद्देश्य न्याय को आम लोगों तक सुलभ बनाना है। दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को न्याय पाने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए इस प्रकार के कैंप कोर्ट आयोजित किए जाते रहेंगे। उन्होंने स्थानीय अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों से भी सहयोग की अपेक्षा की ताकि न्यायिक प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे। मौके पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित सभी न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे।