भागलपुर के शहकुंड थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव में रविवार को दिनदहाड़े हथियारों से लैस 50-60 लोगों ने एक परिवार की खरीदी हुई जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
घटना के बाद पीड़ित सोनू कुमार ने सोमवार को भागलपुर रेंज के डीआईजी और एसएसपी हृदयकांत से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई। सोनू ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि 27 अप्रैल को दोपहर लगभग 1:30 बजे अवधेश सिंह, विकास सिंह, रहबर आलम, विकास यादव, सुरेश पासवान, ललन पासवान समेत 50-60 अज्ञात लोग हथियारों से लैस होकर उनके और भाइयों के नाम से खरीदी गई करीब 14.2 बीघा जमीन पर पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने जबरन जमीन पर सीमेंट के पिलर गाड़ने शुरू कर दिए।
विरोध करने पर परिवार को दी गई जान से मारने की धमकी
जब पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया तो अवधेश सिंह ने राइफल तान दी और धमकी दी कि अगर दोबारा जमीन पर आए तो जान से मारकर वहीं गाड़ देंगे। विकास सिंह ने पीड़ित की पत्नी को धक्का देकर गिरा दिया और अपशब्द कहे। वहीं, विकास यादव ने वृद्ध पिता के मुंह में कट्टा सटा दिया। सुरेश पासवान और ललन पासवान ने पूरे परिवार को झूठे एससी-एसटी मामले में फंसाने की धमकी दी।
जमीन विवाद पहले से लंबित
घटना की सूचना मिलते ही शाहकुंड थानाध्यक्ष और स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने बताया कि उक्त जमीन को लेकर भागलपुर सिविल कोर्ट में टाइटल सूट संख्या 288/2005 लंबित है और न्यायालय के आदेश के बिना किसी भी प्रकार की जोर-जबरदस्ती गैरकानूनी है।
पीड़ित सोनू ने आरोप लगाया कि पूरी घटना साजिश के तहत सुदीप्तो बनर्जी द्वारा रची गई है, जो पूर्व में भी शाहकुंड थाना कांड संख्या 164/2024 में झूठा मुकदमा दर्ज करवा चुके हैं। सोनू ने यह भी बताया कि 19 अप्रैल को उन्होंने जमीन विवाद को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक को सूचना दी थी।
पीड़ित ने सभी आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है और जमीन से संबंधित रसीद, फोटोग्राफ व अन्य साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे हैं।
