कैमूर में बुधवार को सूर्योदय सामान्य दिनों की तरह हुआ। सुबह से लेकर पूर्वाह्न 11:00 के बाद तक मौसम सामान्य रहा, लेकिन दोपहर बाद मौसम का मिजाज अचानक करवट लिया आसमान में बदली छाई रही।
मौसम के करवट लिए जाने से किसानों में खेतों में लगी खड़ी फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। कारण कि जिले में बड़े पैमाने पर गेहूं और तिलहन दलहन की फसलें किसानों की खेतों में लगी है। हालांकि खेतों में लगी गेहूं की फसलों को किसान तेजी से हार्वेस्टर और कामगारों की सहयोग से कटवा रहे हैं,लेकिन जिले के कई प्रखंड इलाके में अभी भी खेतों में गेहूं की खड़ी फसल लगी हुई है।
इधर, जिले के भभुआ प्रखंड अंतर्गत अखलासपुर, सिकठी, भेकास, मोकरी, बेतरी, सारंगपुर, दुमदुम के कई किसानों में शामिल राधेश्याम सिंह, राम अवध सिंह, राम अवतार तिवारी, अरुण सिंह, सुरेंद्र सिंह सहित कई किसानों ने बताया की खेतों में लगी गेहूं की फसल वैसे तो वह कटवा रहे हैं, लेकिन अभी कई इलाकों में खेतों में गेहूं की फसल लगी है। इधर, मौसम करवट लिए जाने से किसानों में इस बात को लेकर चिंता सताई सता रही है कि अगर कहीं बूंदाबांदी के साथ बारिश हो गई तो खेतों में लगी फसल प्रभावित हो सकता है।
बुधवार को आसमान में छाई बदली के बीच दोपहर होते-होते मौसम तल्ख हो गया। गर्म हवाएं भी चली। इससे घरों से बाहर निकलने वाले लोगों को गर्मी का दंश झेलना पड़ा। इधर,मौसम विज्ञान केंद्र अनीसाबाद पटना का पूर्वानुमान है कि अगले 5 दिनों तक कैमूर और सीमावर्ती रोहतास जिले में मौसम शुष्क रहने की संभावना है,लेकिन इस बीच आगामी 13 अप्रैल को कैमूर और रोहतास जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
इधर,कैमूर और रोहतास दोनों जिलों में अगले 15 अप्रैल तक अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम 22 से 24 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार जाहिर किए गए हैं।बहरहाल मौसम के लगातार करवट लिए जाने से एक तरफ जहां लोग मौसम जनित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ खेतों में लगी फसलें प्रभावित होने की किसानों में चिंता सता रही है।
