प्रेस वार्ता के दौरान उपस्थित राजुकमारी देवी, बेटी आशा और नाती
पासवान परिवार का विवाद पहली पत्नी ने कहा, चिराग हमारी देखभाल करते हैं

 

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. रामविलास पासवान के परिवार में संपत्ति विवाद गहराता जा रहा है। बुधवार को उनकी पहली पत्नी राजकुमारी देवी ने शहरबन्नी स्थित पैतृक आवास पर प्रेस वार्ता की। कहा कि शहरबन्नी, चातर, खगड़िया, पटना और दिल्ली में जो जमीन है, उसका कागजी बंटवारा कर लिया जाए। हमें कोई आपत्ति नहीं है। छह साल पहले दोनों पक्षों ने गांव की 50 बीघा जमीन अपने कब्जे में ली थी। हमने तब भी विरोध नहीं किया। राजकुमारी ने कहा कि मेरे साथ जो घटना हुई, उसे पारस गुट के लोग राजनीतिक रंग दे रहे हैं।

मीडिया में झूठ फैलाया जा रहा है। रामविलास पासवान के निधन के बाद से चिराग पासवान ही हमारी देखभाल कर रहे हैं। कई बार उन्होंने पैसे भी भेजे। पहली बार जब पैसे भेजे, तो दिल भर आया था। अब तबीयत में सुधार है। तीन दिन बाद आज खाना खाये हैं। पैतृक संपत्ति में 30 बीघा जमीन मेरी दोनों गोतनी (शोभा देवी, सुनैना देवी) के पास है और 20 बीघा मेरे पास। अब मुझे शहरबन्नी, खगड़िया, पटना और दिल्ली की संपत्ति में हिस्सा चाहिए। उन्होंने कहा कि यह घर तीनों भाइयों ने मिलकर बनाया है। खेत और बाकी संपत्ति में भी हमें हिस्सा चाहिए।

इस घटना के काफी तकलीफ हुई: आशा

रामविलास पासवान की बेटी आशा कुमारी ने कहा कि इस घटना से बहुत तकलीफ हुई है।

 

जब पापा जीवित थे, तब एक टिकट के लिए कितना विरोध किया गया। पापा के खिलाफ चुनाव लड़ने को कहा गया। अब जब चिराग पासवान आगे बढ़ रहे हैं, तो चाचा पशुपति पारस को तकलीफ हो रही है। चाचा जी चिराग की तरक्की से जलते हैं। राजकुमारी देवी के नाती प्रिंस मृणाल और दामाद मृणाल पासवान ने कहा कि दोनों मामी की हरकत से नानी बीमार पड़ गईं। सात बोतल पानी चढ़ाना पड़ा। ये लोग हमेशा से प्रताड़ित करते रहे हैं। जब से नाना रामविलास पासवान नहीं रहे, तब से ये लोग परेशान कर रहे हैं।