शराब तस्कर समेत उसके गुर्गे का खौफ पूरे गांव पर,कई दैनिक अखबार एवं अन्य पत्रकारों पर शराब तस्कर की नजर ,आखिर सूचना कहाँ से हो रही हें लीक। शराब तस्कर एवं उसके गुर्गे को पकड़ने में पुलिस लापरवाही बरती तों कभी भी घट सकती हें बड़ी घटना। थानाध्यक्ष ने कहा सभी आरोप बेबुनियाद।
शराब तस्कर समेत उसके गुर्गे का खौफ पूरे गांव पर,कई दैनिक अखबार एवं अन्य पत्रकारों पर शराब तस्कर की नजर ,आखिर सूचना कहाँ से हो रही हें लीक। शराब तस्कर एवं उसके गुर्गे को पकड़ने में पुलिस लापरवाही बरती तों कभी भी घट सकती हें बड़ी घटना। थानाध्यक्ष ने कहा सभी आरोप बेबुनियाद।
शराब तस्कर समेत उसके गुर्गे का खौफ पूरे गांव पर,कई दैनिक अखबार एवं अन्य पत्रकारों पर शराब तस्कर की नजर ,आखिर सूचना कहाँ से हो रही हें लीक।
शराब तस्कर एवं उसके गुर्गे को पकड़ने में पुलिस लापरवाही बरती तों कभी भी घट सकती हें बड़ी घटना।
थानाध्यक्ष ने कहा सभी आरोप बेबुनियाद।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय
दरभंगा जिला का पटोरी और आसपास के इलाके का गांव इन दिनों एक अपराधकर्मी /शराब तस्कर के डर से थर -थर कांप रहा हें।होलिकादहन /होली के दिन तस्करों के द्वारा हवा में चलाई गई करीब चार दर्जन गोलियों के मामले में गवाही देने के लिये एक भी ग्रामीण तैयार नहीं हें।ग्रामीणों में खौफ इतना हें कि लोग डरे जुबान से कुछ बोलने को तैयार नहीं हें ,ग्रामीणों को डर हें कि अगर हम गवाही देंगे तों ये तस्कर हमें गोली मार देंगे या तस्करों की फौज उनके बच्चे को कहीं उठाकर ले जाएंगे।एक तरफ उन्हें अपराधियों का डर दूसरी तरफ पुलिस का डर ,कि कहीं मुकदमे में ना फंसा दे।वहीं दर्जनों ग्रामीण अप्रत्यक्ष रूप से दस्तक 7मीडिया को सारी बातों से अवगत करा रहें हें।
ग्रामीणों का कहना हें कि दस्तक 7मीडिया में खबर छपने के बाद एक पुलिस अधिकारी अपने दल बल के साथ जांच के लिये गांव पहुंचे थे ,चार पांच लोंगों से पूछताछ भी की गई लेकिन किसी ने भी पुलिस को कुछ नहीं बताया ,ग्रामीण स्पष्ट रूप से कह रहें हें कि पुलिस पर भरोसा कैसे करें।ग्रामीण कहते हें कि सालों भर से मोरों थाना पुलिस के तालमेल में शराब तस्कर खुलेआम शराब का धंधा कर रहा हें और मोरों थाना की पुलिस कभी कोई कारवाई नहीं की ,होली के दिन गोली चली और इतने राउंड फायरिंग हुई ,सभी के कानों तक गोली की गूंज गई और कोई कारवाई नहीं हुई ,अगर थानाध्यक्ष द्वारा कारवाई नहीं की गई तों कम से कम थानाध्यक्ष को अपने वरीय पदाधिकारी को सूचना देना चाहिये था लेकिन उन्होंने मुनासिब नहीं समझा ,इससे तों मतलब साफ हें कि अपराधी और पुलिस का कितना मजबूत तालमेल हें, ऐसे में कौन अपना सिर मुंडन कराएगा।
ग्रामीण यह भी कह रहें हें कि जो साहब जांच करने आये थे ,पहले वह भी विशनपुर थानाध्यक्ष रह चुके हें और उन्हें भी शराब तस्कर प्रभात चौधरी और उसके गुर्गे के बारे में पूरी जानकारी अवश्य हें ।ग्रामीणों का सीधा आरोप हें कि जिस दिन इतनी गोली चली थी उस दिन पूरे इलाके के लोंगों को पता चल गया था लेकिन मोरों थाना को कैसे पता नहीं चला ,यह तों बड़ी ताज्जुब की बात हें , सभी लोग कहते हें कि मोरों थानाध्यक्ष थाने के लायक नहीं हें ,ऐसे में कब कोई बड़ी घटना हो जाय यह कहा नहीं जा सकता।
ग्रामीण कहते हें कि जिस थानेदार का नेटवर्क नहीं फिर वह थानेदार लायक कैसे हो सकता हें ,इसका मतलब साफ हें कि चौकीदारों पर भी उनका नियंत्रण नहीं हें नहीं तों स्थानीय चौकीदार ही इस घटना से उसी दिन अवगत करा देता।लेकिन यहां ऐसी बात नहीं हें,थानाध्यक्ष को सभी बातों की जानकारी थी।गांव के लोग कहते हें कि शराब तस्कर की थाना पुलिस से मिलीभगत जगजाहिर हें ,बताने की जरूरत नहीं हें।
ग्रामीण कह रहें हें कि घटना के 15दिनों बाद तक आखिर पुलिस कैसे सोयी हुई थी ,पुलिस चाहती तों घटना या उसके दूसरे दिन चलाई गई गोली का सारा खोखा भी बरामद कर लेती।जिस स्व मदन चौधरी के घर पर खड़े होकर हवा में गोली चलाई गई थी उस जगह से दूसरे दिन सुबह में कई ग्रामीणों ने खोखा को समेटा और पास के कुम्भी में फेंक दिया हालांकि कुछ खोखा ग्रामीणों के पास अभी भी हो सकता हें।
इस घटना के 15दिनों बाद इसकी जानकारी जब दस्तक7 मीडिया को हुई तों दस्तक 7मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता से छापा ,खबर छपते ही इस मामले को एसएसपी ने प्रमुखता से लिया और जांच का जिम्मा सौंपा।ग्रामीण कहते हें कि दस्तक 7मीडिया में खबर छपने के बाद अब स्थिति यह हें कि एक तरफ अपराधी और गुर्गे गांव के हर घर में जाकर धमकी दे रहें हें कि पुलिस के समक्ष कुछ भी बयान दिया तों अंजाम बुरा होगा वहीं दूसरी तरफ शराब तस्कर स्थानीय पत्रकारों को भी धमकाना शुरू कर दिया हें , कहता हें कि यह जानकारी कौन सा पत्रकार दे रहा हें ,इसमें दैनिक अखबार के स्थानीय सभी पत्रकार को वह संदेह की नजरों से देख रहा हें इस कारण पत्रकार डरे सहमे भी हें।वहीं दूसरी तरफ मोरों थाना की पुलिस स्थानीय पत्रकारों को थाने बुला रही हें ,इस कारण भी पत्रकारों में दहशत हें।कहते हें ना, दूध और माछ दोनों” बैरी” होते हें।
इधर सूचना हें कि शराब तस्कर के कई गुर्गे दस्तक 7मीडिया के सहयोगी पत्रकार को चार चक्का वाहन के पांच गाड़ियों से सैदनगर और हाउसिंग कॉलोनी के तरफ खोज रहा था।यही नहीं इस पत्रकार के वाट्सऐप नंबर पर कई बार फोन किया गया हें लेकिन इस पत्रकार ने फोन नहीं उठाया यही नहीं कुछ अज्ञात नंबर से फोन किया गया जिसे भी इस पत्रकार ने नहीं उठाया।शराब तस्कर की मंशा इससे स्पष्ट होती हें।
ऐसा लगता हें कि इस सुशासन में भी कई इलाके अभी भी ऐसे हें जहां कुशासन का वास हें।ऐसे में पुलिसिया कारवाई बहुत ही जरूरी हें ताकि अपराध करने से पहले अपराधी सोचने पर मजबूर हो जाय।
हालांकि ग्रामीणों के पूरे आरोप को थानाध्यक्ष पायल निराधार बता रही हें।
वरीय पुलिस पदाधिकारी को सूचना नहीं देना कुशेश्वर थानाध्यक्ष को पड़ गया महंगा ,वरीय पुलिस अधीक्षक ने कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष को किया निलंबित कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र अंतर्गत दो समुदायों के बीच हुए आपसी झड़प का हें मामला।
कुशेश्वरस्थान के थानाध्यक्ष बने हरिद्वार शर्मा ,करीब आधा दर्जन पुलिस पदाधिकारियों को एसएसपी ने किया इधर से उधर ,चार थानाध्यक्ष को मिला नया जिम्मा।