विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी ने कहा कि अब कोई गांव टोला मोहल्ला या बसावट ऐसा नहीं है जो पक्की सड़क से ना जुड़ा हो और उसका संपर्क मुख्य पथ से ना बना हो। उन्होंने कहा कि बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का स्पष्ट मानना है कि प्रत्येक गांव टोल मोहल्ले को पक्की सड़क से जोड़ते हुए राजधानी पटना की यात्रा 6 घंटे के अंदर पूरा किया जाना है जो बेनीपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लगभग पूरा कर लिए गए हैं। शेष बचे हुए बसावट को भी 6 माह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। वे शनिवार को विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बिरौल प्रखंड के कोयलाजान गांव में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत विधायक एच्छिक कोष से नवनिर्मित सड़क का लोकार्पण कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा किए जाने से ही सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ आम लोगों को मिल सकता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2005 से पूर्व की बिहार की स्थिति किसी से छुपी हुई नहीं है। जब बिहार का बागडोर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संभाला था जब चारों तरफ अराजकता का माहौल और जंगल राज कायम थी उस कठिन परिस्थिति से बिहार को आज अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करने की जो निर्णय दो दशक पूर्व लिया गया उसे पर अनवरत कार्य जारी है और जल्द ही आने वाले समय में बिहार विकास के मामले मेंअग्रणी राज्यों में गिना जाएगा।नीतीश कुमार का संकल्प न्याय के साथ विकास की बात दोहराते हुए विधायक श्री चौधरी ने कहा कि आज विकास के मामले में सभी वर्गों की समान भागीदारी सुनिश्चित की गई है । जिसमें सभी जाति वर्ग एवं समुदाय के लोग सामिल है। विकास में आधारभूत संरचना की सुदृढ़ीकरण की चर्चा करते हुए कहा कि सड़क,स्वास्थ्य, शिक्षा,बिजली,पानी के साथ-साथ किसानों को सिंचाई की सुविधा एवं फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार कृत संकल्पित है और आगे भी यह जारी रहेगी। जिसमें बेनीपुर विधानसभा राज्य के किसी भी क्षेत्र से पीछे नहीं रहेगा बल्कि अव्वल साबित होगा। जिसके लिए सड़क सुदृढ़ीकरण के बाद शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दी गई जिसका फलाफल आज बेनीपुर विधानसभा क्षेत्र के जनता के सामने है और मुझे पूर्ण भरोसा है कि आने वाले समय में बेनीपुर विधानसभा एवं बिहार का भविष्य मील का पत्थर साबित होगा।डबल इंजन की सरकार में चतुर्दिश विकास की डंका बजेगी। इस अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष कामरान ख़ान,बीरबल रॉय,राम सागर राम,लालो पासवान ,विजय कुमार कामत,कोशल झा,बिष्णु मांझी,गणेश यादव,फिरोज आलम,आदि उपस्थित थे ।