मोरों थाना क्षेत्र के पटोरी गांव में होलिका दहन /होली के दिन दर्जनों गोली चलाने वाला शातिर शराब तस्कर /अपराधी का नाम आया सामने , ग्रामीणों ने किया खुलासा ,समस्तीपुर जिला के दो थानों में कई मामले हें दर्ज ,दरभंगा जिला में भी हें एक मामला।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय 

मोरो थाना क्षेत्र के पटोरी गांव में होलिका दहन /होली के दिन ताबड़तोड़ गोली चलाने के मामले में वर्षों से शराब की तस्करी करने वाले तस्कर का नाम सामने आया हें।यह शराब तस्कर बहुत ही चर्चित माफिया हें और कई थानों में इसके खिलाफ मामले दर्ज हें।बताया जा रहा हें कि कई मामलों में जमानत पर हें और कई में इसके नाम पर वारंट भी हें। यह चर्चित शराब माफिया कोई और नहीं  “प्रभात चौधरी” हें।कई ग्रामीणों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि समस्तीपुर जिला में यह नाम काफी चर्चित हें।समस्तीपुर जिला में न्यायालय में पेशी के दौरान कुछ अपराधियों ने न्यायालय परिसर में ही इसपर गोली चलायी थी ,जिसमें दो लोंगों को गोली लगी थी इसमें प्रभात चौधरी के बाएं पैर के जांघ में और प्रभात कुमार का नाम शामिल हें वहीं दो आरोपी बाल बाल बच गये थे।चार आरोपी को पेशी के लिये न्यायालय लाया जा रहा  था।बताया जा रहा हें कि यह गोलीबारी भी शराब की तस्करी के वर्चस्व को लेकर हुई थी हालांकि इस मामले के अनुसंधान में अभी भी पुलिस का अनुसंधान लंबित हें।इस मामले में समस्तीपुर के नगर थाना में 26अगस्त 23को मामला 227/23दर्ज किया गया था।चकमेहसी और कल्याणपुर थाने में भी कई मामले दर्ज हें जो शराब की तस्करी से जुड़े हुये हें।

ग्रामीणों ने बताया कि समस्तीपुर जिला के चकमेहसी थाना क्षेत्र के नीमा चकहैदर निवासी संजय चौधरी का पुत्र प्रभात हें जो करीब दर्जनों आपराधिक /शराब कांड का आरोपी हें। बताया जा रहा हें कि प्रभात के विरुद्ध समस्तीपुर जिला के कल्याणपुर थाना में चार मामले चकमेहसी थाना में चार या पांच मामले एवं दरभंगा जिला के विशनपुर थाना में एक मामला दर्ज हें। स्थानीय लोंगों का कहना हें कि फिलहाल समस्तीपुर पुलिस के डर से दरभंगा जिला के मोरों थाना क्षेत्र के इलाके को अपना शरण स्थली बना चुका हें  और बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी कर रहा हें। इस तस्करी को लेकर ग्रामीण बता रहें हें कि पुलिस के सहयोग से यह धंधा उसका फल फूल रहा हें जिसमें कई गुर्गे इसके हें।

ग्रामीणों का यह आरोप कितना सही हें यह तों पुलिस के जांच के बाद ही सामने आयेगा।

लेकिन ग्रामीण इतना जरूर दावे के साथ कह रहें हें कि इस शराब के धंधे में प्रभात के दर्जनों भेनडर हें जो खुलेआम शराब की होम डिलेवरी करते हें। पटोरी गांव में प्रभात के कई दूरदराज एवं पास के संबंधी हें जहां इसका रात का ठिकाना भी होता हें।मजेदार बात यह हें कि अपना वर्चस्व कायम रखने के लिये प्रभात और उसके गुर्गे  इसी गांव के लोंगों पर कहर भी बरपा देता हें। अगर ऐसा नहीं हें तों होली /होलिकादहन के दिन दर्जनों राउंड गोलिया इस गांव में नहीं चलती।जिस दरवाजे पर दोनों दिन गोलिया हवा में चलायी गई वह परिवार डर से गांव से लापता बताया जा रहा हें और कई परिवार डरे और सहमे हें।ऐसे में पुलिस की जवाबदेही बढ़ जाती हें और स्थानीय पुलिस मूकदर्शक हें।ग्रामीण दबे जुबान में कहती हें कि ऐसे अपराधी /शराब माफियाओं के चंगुल से कब गांव आजाद होगा और लोग राहत की सांस ले सकेंगे।ग्रामीणों का  यह भी आरोप हें  कि थाना पुलिस के तालमेल में यह धंधा खुलेआम फल फूल रहा हें वरना पुलिस के हत्थे प्रभात और उसका गुर्गा कब का चढ़ गया होता।