किशनगंज के पोठिया प्रखंड क्षेत्र के चोरागोधी गांव में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी को प्रशासन ने समय रहते रोक दिया। जन निर्माण केंद्र किशनगंज को गुप्त सूचना मिली थी कि छत्तरगाछ पंचायत के एक युवक से लड़की की शादी होने वाली है।

सूचना मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी और जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक रवि शंकर तिवारी की अगुआई में एक टीम का गठन हुआ। जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची, जहां शादी की तैयारियां चल रही थीं। अधिकारियों ने परिवार को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी और समझाया कि लड़की की शादी 18 साल की उम्र के बाद ही की जा सकती है।

प्रशासन ने परिवार से भरवाया शपथ पत्र

 

 

प्रशासन ने परिवार से एक शपथ पत्र भरवाया, जिसमें उन्होंने वादा किया कि लड़की की शादी 18 साल पूरा होने के बाद ही करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह एक गैर-जमानती अपराध है, जिसमें दो साल की जेल और एक लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही यह बच्चों की शिक्षा, विकास और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।

इस कार्रवाई में प्रखंड विकास पदाधिकारी मोहम्मद आसिफ, जिला परियोजना समन्वयक मोहम्मद मुजाहिद आलम, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय पुलिस बल शामिल थे।