प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के बाद से सुनैना देवी लापता थी. बुधवार को यूपी पुलिस उनका शव लेकर कैमूर पहुंची.
प्रयागराज से कैमूर पहुंचा सुनैना देवी का शव
कैमूर:प्रयागराज महाकुंभ में 29 जनवरी को मची भगदड़ के बाद से लापता सुनैना देवी का मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज में शव मिला है. पहचान होने के बाद यूपी पुलिस 5 फरवरी को उनका शव कैमूर लेकर पहुंची, जहां देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.
मृतका भभुआ थाना क्षेत्र के कोरी गांव निवासी उदय प्रताप सिंह की 55 वर्षीय पत्नी सुनैना देवी बताई जाती हैं.प्रयागराज से कैमूर पहुंचा सुनैना देवी का शव: बुधवार को उत्तर प्रदेश प्रयागराज की पुलिस ने कैमूर पुलिस को सूचना दी और शव को भभुआ सदर थाना लेकर पहुंची. वहीं मृतका के पति उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मेरी पत्नी मौनी अमावस्या के दिन 29 जनवरी को अमावस्या स्नान करने के लिए प्रयागराज महाकुंभ मेला में गई थी, जहां भगदड़ में उसकी मौत हो गई.
प्रयागराज से कैमूर पहुंचा सुनैना देवी का शव
महाकुंभ भगदड़ के बाद से थी लापता:वहीं 4 दिन बाद भी वो घर नहीं लौटी तो परिजनों द्वारा थाना में आवेदन दिया गया और कुंभ मेला में जाकर खोजबीन किया जाने लगा. उसके बाद भी महिला का कोई पता नहीं चला. वहीं मंगलवार को जब उसका बेटा विष्णु एवं परिजन मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एनाटॉमी विभाग पहुंचे तो वहां परिजनों को सुनैना देवी का शव मिला.
महाकुंभ भगदड़ के बाद से लापता थी सुनैना देवी
“अपने रिश्तेदारों के संग मौनी अमावस्या पर स्नान करने गई थी,जहां अचानक हुई भगदड़ में सुनैना देवी का साथ परिजनों से छूट गया. भगदड़ में सुनैना देवी की मौत हो गई. मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज से मेरे बेटे को उसकी लाश मिली.”-उदय प्रताप सिंह, सुनैना देवी के पति
‘बिना पोस्टमार्टम दिया गया शव’:परिजनों ने बताया कि भगदड़ के बाद से सुनैना देवी लापता थी और साथ गए परिजनों द्वारा भी काफी खोजबीन की गई, लेकिन वह नहीं मिली. परिजन घर वापस लौट आए और सारी बात बतायी. वहीं परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में बिना पोस्टमार्टम के ही शव देने का दबाव बनाया जा रहा है. बेटे से जबरन बिना पोस्टमार्टम के शव लेने की बात लिखवाई गई है.
प्रयागराज से कैमूर पहुंचा महिला का शव “महिला की मौत हो गई थी. प्रयागराज थाना के इंस्पेक्टर के द्वारा शव के साथ मुझे कैमूर जाने के लिए कहा गया था, जिस आदेश पर मैं एंबुलेंस से शव भभुआ थाना में लाया हूं और परिजनों को सौंप दिया हूं.”-विजय कुमार, यूपी पुलिस
