परिजन लेने के लिए अमृतसर गए, 40 लाख का कर्ज लिया, आधा एकड़ जमीन बेची
कालरों गांव का आकाश
अमेरिका से डिपोर्ट हरियाणा के 33 लोगों में 7 लोग करनाल जिले के विभिन्न गांवों से है। ये वे लोग हैं, जिन्होंने अपने घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए डंकी रास्ते अमेरिका जाकर पैसा कमाने का रास्ता चुना। घर गिरवी रखा, जमीन बेची और कर्ज उठाया। कभी जहाज, कभी जंगल, कभी पानी से होते हुए और बॉर्डरों पर बैठे निगाहबानों की गोलियों से बचते हुए अमेरिका तक पहुंचे।

परिजन अपने बच्चों व परिवार के सदस्य रिसीव करने के लिए अमृतसर गए हुए हैं। आज दोपहर दो बजे यूएस मिलिट्री का सी-17 विमान अमृतसर एयरपोर्ट पर उतर चुका है। विमान को पैसेंजर टर्मिनल के बजाय एयरफोर्स के एयरबेस पर उतारा गया है। अब इनकी वैरिफिकेशन की जा रही है।

करनाल जिला का कौन कौन हुआ है डिपोर्ट

अमेरिका से डिपोर्ट किए गए लोगों लोगों की सूची में करनाल जिले के भी 7 लोग शामिल बताए जा रहे है, चूंकि लिस्ट में सिर्फ नाम, उम्र और गांव या शहर ही लिखा गया है। लिस्ट में न तो जिला दिया गया है और न ही तहसील या थाना एरिया का जिक्र किया गया है। ऐसे में इस बात को लेकर भी कन्फ्यूजन बना है कि यह गांव करनाल जिले का ही है या फिर किसी अन्य जिले का। क्योंकि जिला या तहसील के अंदर एक ही नाम के दो या दो से अधिक गांव भी है। फिलहाल लिस्ट के मुताबिक इसमें 14 व 15 साल के दो बच्चे भी है। जिसमें एक लड़का और दूसरी लड़की है। सरनेम से तो यह प्रतीत हो रहा है कि ये दोनों भाई बहन हो सकते हैं।

26 जनवरी को पहुंचा था अमेरिका

घरौंडा के गांव कालरों का आकाश 26 जनवरी को अमेरिका में पहुंच गया था। कालरों के सरपंच दीपेंद्र उर्फ अन्नू ने बताया है कि आकाश हमारे परिवार से ही है और परिवार की स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए वह अपनी जमीन बेचकर और करीब 40 लाख का कर्ज लेकर अमेरिका गया था। वह तीन महीने पहले घर से अमेरिका के लिए निकला था और 26 जनवरी को अमेरिका पहुंचा था। पिता वीरेंद्र की कई साल पहले मौत हो चुकी है। ऐसे में परिवार पर न सिर्फ कर्ज बढ़ेगा, बल्कि आमदनी का सोर्स भी खत्म हो गया।

इसी सैन्य जहाज में अमृतसर पहुंचे है डिपोर्ट हुए लोग
आधा एकड़ जमीन बेचकर गया था अमेरिका

घरौंडा का अरूण पाल अपनी आर्थिक स्थिति काे ठीक करने के लिए अमेरिका गया था। वह करीब छह महीने पहले अमेरिका गया था। एक परिचित ने जानकारी देते हुए बताया कि अरूण अपने घर के आर्थिक हालातों को ठीक करना चाहता था। वह आधा एकड़ जमीन बेचकर डंकी से अमेरिका पहुंचा था। बताया जा रहा है कि करीब 30 लाख रुपए खर्च किए थे। उसे काम भी मिला था या नहीं, कुछ कहा नहीं जा सकता। सोचा था अमेरिका में जाने से घर की गरीबी दूर हो जाएगी।