यह बजट बिहार के लिए, देश के गरीब किसानों के लिए, मजदूरों-कामगारों के लिए और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अभूतपूर्व रहा है– संजय सिंह पप्पू।
यह बजट बिहार के लिए, देश के गरीब किसानों के लिए, मजदूरों-कामगारों के लिए और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अभूतपूर्व रहा है– संजय सिंह पप्पू।
यह बजट बिहार के लिए, देश के गरीब किसानों के लिए, मजदूरों-कामगारों के लिए और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अभूतपूर्व रहा है– संजय सिंह पप्पू।
दस्तक7मिडिया, अलीनगर।
इस बार का बजट बिहार के लिए, देश के गरीब किसानों के लिए, मजदूरों-कामगारों के लिए और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अभूतपूर्व रहा है। ये बाते कहीं दरभंगा जिला भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय सिंह पप्पू सिंह ने संजय सिंह पप्पू सिंह ने कहा। मैं देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी औऱ देश की वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन जी का हृदय से धन्यवाद प्रकाट करता हूं कि उन्होंने सर्व समाज के हित का ध्यान बजट में रखा।वित्त मंत्री जी ने आज मिथिला पेंटिंग वाली साड़ी पहनकर देश का बजट पेश किया।देश की गौरव और मिथिला की शान पद्मश्री दुलारी देवी ने इस मिथिला पेंटिंग वाली साड़ी को तैयार करके वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण जी को गिफ्ट किया था।ये क्षण समस्त मिथिलावासियो के लिए गौरवन्वित करने वाला था।वित्त मंत्री जी ने मिथिला के किसानों का खास ख्याल रखते हुए बिहार में मखाना बोर्ड का गठन करने का एलान किया। मखाना बोर्ड की मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाने में हमारे दरभंगा के माननीय सांसद श्री गोपाल जी ठाकुर का सर्वाधिक योगदान रहा है। देश में मखाना उत्पादन में लगभग 90 फीसदी योगदान मिथिला श्रेत्र के मखाना किसान देते हैं और अब इस बोर्ड का गठन हो जाने के बाद उनको प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा। मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बेहतर बनाने के लिए ये बोर्ड सतत काम करेगा। माननीय वित्त मंत्री ने बजट मे किसानों पर विशेष फोकस किया है।बिहार में फूड प्रोसेसिंग यूनिट पर भी खासा ध्यान केंद्रित किया गया है। संजय सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड के तहत लोन की सीमा को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने का फैसला मील का पत्थर साबित होने वाला है। किसान क्रेडिट कार्ड 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पावधि ऋण की सुविधा प्रदान करता है.अब किसानों को किसी सेठ साहुकार के दरवाजे पर जाने की जरूरत नही है। उन्होंने कहा कि किसानों को सबसे अधिक खेती के समय में यूरिया खाद की किल्लत होती रही है और इसके लिए मोदी सरकार ने 3 निष्क्रिय यूरिया संयंत्रों को फिर से खोला है। यूरिया आपूर्ति बढ़ाने के लिए असम के नामरूम में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक क्षमता वाला एक संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही सबसे अधिक किसानों के लिए फायदेमंद पीएम कृषि धन धान्य योजना साबित होने वाला है। 100 जिलों के लाखों किसानों को इस योजना का सीधा लाभ मिलने वाला है। दलहन की उपज औऱ वितरण को बढाने के लिए 6 साल की एक योजना बनाई गई है। अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि सरकार ने उच्च पैदावार वाले बीजों के उत्पादन के लिए एक राष्ट्रीय मिशन शुरू करने की घोषणा की।इस मिशन का उद्देश्य बीजों के अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना है। संजय सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक अवसर बढ़ाने के लिए सरकार ने ‘ग्रामीण समृद्धि और अनुकूलन कार्यक्रम’ की घोषणा की है।इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को उनके क्षेत्र में ही रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।