जमुई के बरहट थाना क्षेत्र स्थित पंचकूला जंगल की पहाड़ियों में एक रहस्यमय गुफा मिला है। इसकी खोज ने स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। गुफा में एक पुराना शिवलिंग और एक ऋषि मुनि की मूर्ति मिली।
स्थानीय के अनुसार, गुफा के अंदर स्थित ऋषि की मूर्ति में मुख, आंख और नाक स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। इस खोज के बाद से ग्रामीणों ने यहां नियमित पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। गुफा की खोज के बाद से आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
हाल ही में सामने आए एक वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे 4-5 लोग टॉर्च की रोशनी में गुफा का अन्वेषण कर रहे हैं। वीडियो में गुफा की विशाल संरचना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिसमें ऊपरी और निचले भाग में बड़ी-बड़ी चट्टानें मौजूद हैं।
गुफा में प्रवेश करने के लिए करनी पड़ी मशक्कत
गुफा में प्रवेश करने के लिए श्रद्धालुओं को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। लेकिन धार्मिक आस्था के कारण लोगों का उत्साह कम नहीं हो रहा है। स्थानीय ग्रामीण हीरा मांझी ने बताया कि शनिवार के दिन गांव के कुछ लोग जंगल की ओर लकड़ी लाने के लिए गए थे। इसी दौरान एक खुला हुआ गुफा देखा गया।
जब गुफा के अंदर लोग प्रवेश किए तो एक प्रतिमा दिखाई दी। लोगों ने गांव में जाकर ग्रामीणों को बताया। गुफा देखने के लिए लोगों के भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई। बता दें कि बरहट का इलाका पहाड़ और घने जंगलों के बीच अवस्थित है। जिस जगह पर गुफा होने की बात कही जा रही है। वहां से कुकुरझप डैम 3 किलोमीटर की दूरी पर है।
कुकुरझप डैम से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर प्रसिद्ध भीम बांध का झरना भी है। बरहट के समाजसेवी श्रीकांत उर्फ बिट्टू यादव ने बताया कि इसके पहले भी बरहट में कई बड़े -बड़े बंकर भी होने बात सामने आई थी। इस रहस्यमय गुफा का पुराना महत्व जानने को प्रशासन व पर्यटन विभाग से मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर इस प्राचीन गुफा को पर्यटन की दृष्टि से संवारा जाए तो यह स्थान पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन जाएगा।
बरहट थानाध्यक्ष कुमार संजीव ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। सोमवार को पूरे मामले की जांच की जाएगी।
