मद्य निषेध विभाग के प्रमंडलीय उपायुक्त ने संयुक्त आयुक्त बिहार पटना को सौंपा जांच प्रतिवेदन ,नमक के हेराफेरी के प्रयास में विभाग के कर्मी /पदाधिकारी पड़ लगे थे आरोप
मद्य निषेध विभाग के प्रमंडलीय उपायुक्त ने संयुक्त आयुक्त बिहार पटना को सौंपा जांच प्रतिवेदन ,नमक के हेराफेरी के प्रयास में विभाग के कर्मी /पदाधिकारी पड़ लगे थे आरोप
मद्य निषेध विभाग के प्रमंडलीय उपायुक्त ने संयुक्त आयुक्त बिहार पटना को सौंपा जांच प्रतिवेदन ,नमक के हेराफेरी के प्रयास में विभाग के कर्मी /पदाधिकारी पर लगे थे आरोप
दरभंगा /संजय कुमार राय
शराब के साथ जब्त नमक की बरामदगी के मामले में दरभंगा प्रमंडल के उपायुक्त ने इस प्रकरण में अपना प्रतिवेदन संयुक्त आयुक्त बिहार पटना को सौंप दिया हैं। अब बिहार पटना के संयुक्त आयुक्त इस पूरे प्रकरण का अवलोकन कर आगे की कारवाई कर सकते हैं ?
सूत्रों के अनुसार दो कर्मियों पर कारवाई की संभावना प्रबल हैं। इसमें एक कर्मी वैसे हैं जिन्होंने शराब के साथ नमक को जब्त किया लेकिन जब्ती सूची में नमक के बोरे की संख्या को नहीं दर्शाया ?इस मामले में ऐसे कर्मी की लापरवाही और उनकी मंशा स्पष्ट हो रही हैं ?
वहीं दूसरे वो कर्मी हैं जिन्हें सूचना मिलने पर उन्हें जांच के लिये स्थल पर भेजा गया था लेकिन जांच करने में इनके द्वारा लापरवाही बरती गई। उन्हें विभाग के आलाधिकारियो ने जब जांच का जिम्मा सौंपा तो इन्हें जांच कर विभाग के आलाधिकारी को अपना प्रतिवेदन देना चाहिये था जो इन्होंने नहीं दिया , इस कारण इनकी गलत मंशा प्रतीत होता दिखाई पड़ रहा हैं ।
इन दोनों कर्मी /अधिकारियों पर विभाग के आलाधिकारियों द्वारा कारवाई की जा सकती हैं।
12चक्का ट्रक पर नमक लदे बोरे को आखिर पिकअप और स्कार्पियो पर उतारकर क्यू लादा गया ?नमक को अवेध रूप से बेचे जानें की सूचना पर पत्रकारों की टीम वहां पहुंची थी और विभाग के अधिकारियों को सूचना दिया था । इस आलोक में पत्रकारों ने सहायक आयुक्त को भी सूचना दी थी। सहायक आयुक्त ने इस बावत एक पदाधिकारी को जांच में भेजा लेकिन उनके द्वारा जांच करने के बजाय लीपा पोती की गई जो लापरवाही के साथ साथ उनके गलत कार्यशैली को दर्शा रहा हैं। ऐसे में जब्ती की सूची बनाने वाले और जांचकर्ता पर कारवाई की संभावना प्रबल हैं। मद्य निषेध विभाग के आलाधिकारी इनपर कारवाई कर सकती हैं।