त्रुटी और लापरवाही के लिये अदालत ने ठहराया दोषी ,उपभोक्ता के खर्च को दो महीने के भीतर वहन करने का आदेश

 

त्रुटी और लापरवाही के लिये अदालत ने ठहराया दोषी ,उपभोक्ता के खर्च को दो महीने के भीतर वहन करने का आदेश

दरभंगा, विधि संवाददाता

दरभंगा नगर निगम को उपभोक्ता के साथ सेवा में त्रुटि और लापरवाही करने के लिए दोषी करार दिया गया है। वहीं दोषी नगर निगम को उपभोक्ता के जमा राशि समेत मुकदमा खर्च दो हजार रुपये और उपभोक्ता के मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के लिए दो हजार रुपये दो माह के अंदर भुगतान करने का आदेश दिया है।निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर दरभंगा नगर निगम को बैंक ब्याज दर पर ब्याज भी देना पड़ेगा।यह निर्णय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ,दरभंगा के अध्यक्ष राजेश कुमार पाण्डेय और सदस्य अरुण कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने एक उपभोक्ता वाद में विपक्षी नगर निगम को सेवा में त्रुटि का दोषी पाकर सुनाई है।परिवादिनी के अधिवक्ता चन्द्रधर मल्लिक ने बताया कि तत्कालीन लहेरियासराय थानाक्षेत्र व वर्तमान बेंता थाना क्षेत्र के शाहगंज बेंता अयाचीनगर निवासी विष्णुदेव राय की पत्नी मंजु राय ने अपना सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए 19 जनवरी 2017 को नगर निगम दरभंगा के कार्यालय में टैंक सफाई शुल्क के रुप में 1000/रुपये जमा किया।नगर निगम द्वारा सफाई टंकी टैंकर भेजा गया।परन्तु टैंकर चालक ने परिवादिनी के घर के रास्ते को संकरा बताते हुए टैंक की सफाई नही किया ।ब्यथित परिवादिनी ने निगम द्वारा सफाई नही करने पर अपना जमा किया गया शुल्क 1000 /रुपये वापस करने की मांग किया।लेकिन नगर निगम कार्यालय द्वारा शुल्क वापस नही किया गया।वाध्य होकर परिवादिनी ने बर्ष 2020 में उपभोक्ता वाद सं.3/20 संस्थित कराया। इसी मामले में जिला विवाद प्रतितोष आयोग दरभंगा ने आदेश पारित किया है कि नगर निगम दरभंगा आदेश प्राप्ति के दो माह के अन्दर उपभोक्ता को शुल्क स्वरूप जमा 1000/रुपया वापस करे।वहीं मुकदमां खर्च के लिए 2000/रुपये तथा मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना हेतू 2000/रुपये भुगतान करे।यदि आदेश प्राप्ति के दो माह के अन्दर उपरोक्त रकम का भुगतान नही करने पर उपरोक्त कुल रकम पर बैंक के बचत खाता के ब्याज की दर से परिवादिनी द्वारा 1000/ रुपया जमा करने की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक जोड़कर भुगतान करना होगा।निर्णय की खबर पाते ही उपभोक्ता परिवार ने खुशी का इजहार किया।