गंडक नदी में जलस्तर को बढ़ते देख दियारा क्षेत्र के सहमे लोग, निचले हिस्सों में फैलने लगा पानी। कटावरोधी कार्य का आवंटन आने के बाद भी नहीं हो सका भुगतान मधुबनी गंडक बराज से 3.40 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंडक पार के गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता पुन: बढ़ गई है। अभी दो दिन पहले ही इस क्षेत्र के लोगों के घरों से बाढ़ का पानी निकला था। िवस्थापित लोग घरों की साफ-सफाई कर िशफ्ट करने की सोच रहे थे िक फिर बाढ़ की दस्तक से सहमने लगे हैं। पिछले शनिवार को गंडक बराज से नदी में चार लाख 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद मधुबनी प्रखंड के सिसई एवं चिउरही पंचायत में बाढ़ का पानी घुस गया था। सिसई पंचायत के सोहगी बरवा, महुअवा, नरहवा के लगभग 300 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया था। चिउरही पंचायत के रेवहिया एवं चिउरही गांव में लगभग 350 घरों में बाढ़ का पानी घुसा था। सिसई पंचायत के बाढ़ पीड़ित सोहगी बरवा उच्च विद्यालय एवं तटबंध पर शरण लिए हुए थे। वही चिउरही पंचायत के बाढ़ पीड़ित लोग धनहा-रतवल मुख्य पथ के बगल में शरण लिए थे। उधर पिपरासी की बलुआ ठोरी पंचायत के बलुआ दियारे में भी लगभग 150 घर बाढ़ के पानी में डूब गया था। सिसई एवं चिउरही पंचायत के बाढ़ पीड़ित रामधारी चौधरी, दिनेश मल्लाह, मेहीलाल चौधरी, दीनानाथ यादव, दर्शन राम, बुनीलाल चौधरी सहित अन्य पीड़ितों ने बताया कि बरसात के तीन से चार महीने तक बाढ़ को लेकर दियारे के लोग घरों में पानी घुसने के बाद धनहा – रतवल मुख्य पथ और तटबंधों पर शरण लेते हैं। जैसे ही पानी घटता है फिर अपने घरों की साफ-सफाई कर ठीक करते हैं तब तक फिर बाढ़ आ जाता है। इसी तरह से चार माह तक दियारे के लोग बाढ़ का कहर झेलते हैं। लेकिन प्रशासन के तरफ से बाढ़ पीड़ित लोगों को किसी प्रकार की सहायता राशि नहीं दी जाती है। मधुबनी| जल संसाधन विभाग ने वर्ष 2022 के फ्लड फाइटिंग कार्य का बकाया राशि सभी कार्यालयों में भेज दिया गया है। बावजूद संवेदकों को भुगतान की टकटकी लगी हुई है। तीन जून 2024 को विभाग ने आवंटन सभी डिविजनों को उपलब्ध करा दिया है। एक माह दस दिन बीत जाने के बाद भी संवेदकों को भुगतान नहीं हुआ है। जिससे संवेदक आक्रोशित हैं। संवेदक विकास यादव, राजू यादव, नीतीश रंजन पाण्डेय, बुलेट सिंह, पिंटू कुमार, संदीप तिवारी, मिथलेश पटेल, वीरेंद्र यादव आदि ने बताया कि कनीय अभियंताओं की लापरवाही से अभी तक विपत्र कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है। जिसके कारण भुगतान नहीं किया गया है। अगर भुगतान नहीं किया जाता है तो आन्दोलन किया जाएगा। वहीं 2023 के फ्लड फाइटिंग कार्य का बकाया राशि का आवंटन सरकार ने उपलब्ध नहीं कराई गई। संवेदक कर्ज में डूबे हुए हैं। अभियंता सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं। पुल पुलिया गिराकर और अब भुगतान नहीं कर सरकार के साख पर बट्टा लगाई जा रही है। जबकि अधीक्षण अभियंता के कार्यालय से भुगतान संबंधी स्वीकृति मिल चुकी है। मामले में विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह ने बताया कि लापरवाही करने वाले कनीय अभियंता की कार्यशैली की जांच किया जाएगा। और किस परिस्थिति में भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसकी जांच के लिए विभागीय मंत्री से शिकायत दर्ज कराई जाएगी। मधुबनी प्रखंड के सिसई एवं चिउरही पंचायत पिछले रविवार को बाढ़ के पानी में डूब गया था। लेकिन प्रशासन के तरफ से बाढ़ पीड़ितों को कोई सहायता नहीं मिली। अचल प्रशासन के तरफ से 2 दिन बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। लेकिन एक बार फिर यही दोनों पंचायत बाढ़ के पानी में डूबने वाला है। -विजय यादव, मुखिया, चिउरही पंचायत, मधुबनी