बिट्टू मिश्रा लगातार 7-8 सालों से एनजीओ चलती हैं और अपने स्तर पर समाज को मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं. वह समाज को शिक्षित बनाने, जागरूक करने और रोजगार दिलाने का काम कर रही हैं. बिट्टू बताती हैं कि उन्हें यह प्रेरणा उनके पिता जी से मिली है. वह सामाजिक कार्य के अलावा और कोई काम को करने मे दिलचस्पी नहीं रखती हैं.
लोगो से बात करते हुए बिट्टू मिश्रा बताती हैं कि 25 सामूहिक जोड़ों का विवाह बेनीपट्टी प्रखंड के उच्च लीलाधर विद्यालय के प्रांगण में 11 जुलाई को होने जा रहा है. इस कार्यक्रम को तीन आयोजक मिलकर कर रहे हैं जिनमें मिथिला जागरूकता अभियान फांउडेशन, केएसवी क्राफ्ट और लक्ष्मी प्रोडक्शन हैं. इस काम के लिए ग्रामीणों ने भी मदद की है. इस सामूहिक विवाह आयोजन का मुख्य उद्देश्य आर्थिक तंगी में जी रहे ऐसे लोगों की मदद करना है जो गरीबी के चलते बेटी या बेटे की शादी नहीं कर पा रहे हैं. दूसरा यह है कि इस तरह के आयोजन में दहेज का कोई बड़ा लेन देन नहीं होता है तो यह एक तरह से दहेज मुक्त शादी होती है. आमतौर पर लोग जब शादी करते हैं तो ना चाहते हुए भी उन पर दहेज और अन्य चीजों के खर्च के चलते कर्ज हो जाता है. कई बार इस कर्ज को चुकाने में ही लोगों का जीवन खप जाता है. ऐसे में लोगों पर कर्ज ना हो और उनके बेटे-बेटियों की शादी भी हो जाए इसके लिए वह इस सामूहिक विवाह के पहल को आगे बढ़ा रही हैं. बिट्टू को ग्रामीणों से लेकर छोटे नेताओं और बिजनेसमैन का सहयोग मिल रहा है.
कैसे किया 25 जोड़ों का चयन
बिट्टू बताती हैं कि जब वह और उनकी टीम जोड़ों का चयन करने के लिए क्षेत्र में निकली तब वह कम से कम 500 बेटियों के परिवार से मिलीं. इस बीच उन्हें ऐसे भी परिवार मिले जिनकी बेटियों की उम्र 14-15 साल थी और वह कम उम्र में ही अपनी बेटियों की शादी करना चाहते थे क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी. ऐसे में उन्होंने प्रशासन को इसकी जानकारी दी और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने को कहा और नाबालिक की शादी होने से रोका. इन 25 जोड़ों में कुछ लोग मिथिलांचल के हैं और कुछ लड़के हैं जो यूपी और राजस्थान के हैं जो यहां शादी करने आ रहे हैं.
