मन के मौजी हैं मनरेगा कर्मी ,मन के हिसाब से काम करते हैं ?कई दिनों तक बंद रहता हैं यह कार्यालय ,जनप्रतिनिधियो में हो रहा हैं आक्रोश।

कुशेश्वरस्थान।

मन के मौजी हैं  मनरेगा कर्मी ,मन रहेगा तो आ जाएंगे  कार्यालय ?जी  हां ये कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के मनरेगा कार्यालय का हाल है। यहां का मनरेगा कार्यालय कब से बंद पड़ा है किसी को नही पता। यहां के इस कार्यालय का ताला खुलता ही नही है। जब लोगो को किसी कर्मी और पदाधिकारी की जरूरत पड़ती है तो उसे फोन से ढूंढकर अपना कार्य कराते है।

कमाल की बात यह है कि जब यहां के मनरेगा कार्यालय में कोई कर्मी और पदाधिकारी बैठते ही नही है तो इस प्रखंड क्षेत्र में प्रत्येक माह मनरेगा इतना काम कहाँ से बैठकर करता है। कहीं यहां का यह मनरेगा कार्यालय भारत का पहला हाईटेक कार्यालय तो नही बन गया।

वहीं स्थानीय लोगो की माने तो मनरेगा के पदाधिकारी और कर्मी यहां के मुखिया और पंचायत समिति सदस्यों को फोन पर ही सारा काम कर देते है इसलिए यहां के कार्यालय में वर्षो से ताला लटका हुआ है। इस कार्यालय के टेबुल और कुर्सी पर जमा गंदगी ही इस बात का जीता जागता सबूत है कि यहां कोई आता ही नही है।