सिवान: बिहार के सिवान में भारी बारिश के कारण बुधवार ( 3 जुलाई ) को दो पुराने पुल ढह गए। पुल ध्वस्त होनों से कई गांवों का संपर्क टूट गया। जानकारी के अनुसार, ध्वस्त होने वाले पुलों में से एक महाराजगंज के पास धमही नदी पर बना था और दूसरा नौतन सिकंदरपुर गांव के पास गंडकी नदी पर। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों पुल पुराने थे और उनकी कभी मरम्मत नहीं की गई थी। तत्कालीन सांसद प्रभुनाथ सिंह ने बनवाया था पुल जानकारी के अनुसार, धमही नदी पर बना पुल 2004 में तत्कालीन सांसद प्रभुनाथ सिंह के फंड से 10 लाख रुपये की लागत से बनाया गया था। जबकि गंडकी नदी पर बना पुल 1998 में उनके ही फंड से 6 लाख रुपये की लागत से बना था। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलों की जर्जर हालत के बारे में कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया बनने के बाद एक बार भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई थी, जिस कारण पुल गिर गया। मिट्टी कटाव के कारण गिरा पुल स्थानीय लोगों का कहना है कि ज्यादा मिट्टी कटाई के कारण पुल गिरा है। ग्रामीणों की माने तो जो भी पुल गिर रहा है, उसकी मुख्य वजह मिट्टी कटाव है। लोगों ने कहा कि इसकी शिकायत स्थानीय पदाधिकारियों से की थी, लेकिन इसे हल्के में लिया गया। और कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया जा रहा है कि पुलों के ढहने से इन इलाकों में आवाजाही ठप हो गई है। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 22 जून को भी गिरा था ब्रिज बता दें कि सिवान में पुल ढहने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 22 जून को दारौंदा प्रखंड के रामगढ़ा पंचायत में गंडक नहर पर बना एक ब्रिज ढह गया था। यह पुल पटेढ़ा और गरौली गांव को जोड़ता था। बिहार में लगातार हो रही पुल हादसों को देखते हुए प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
सिवान : नजर लागि राजा पुल पे…! सिवान में बैक टू बैक दो पुलिया ध्वस्त, 10 दिन पहले गिरा था ब्रिज
बिहार के सिवान से बड़ी खबर सामने आई है। बुधवार को सिवान में बैक टू बैक दो पुराने पुल गिर गए। इस हादसे में किसी के हताहत की खबर नहीं है। 10 दिन पहले भी सिवान में एक ब्रिज गिरा था।
