गांधी मैदान थाना के तीन प्रशिक्षु दारोगा की कार्यशैली को लेकर उठ रहें हैं सवाल ?सवाल यही कि पुलिस के भेस में कहीं गुंडा तो नहीं ?तीनों पीएसआई ने अपने ही थाना के वृद्ध एएसआई को पीटकर कर दिया जख्मी ,पहले से भी चल रहा हैं विभागीय कारवाई।
गांधी मैदान थाना के तीन प्रशिक्षु दारोगा की कार्यशैली को लेकर उठ रहें हैं सवाल ?सवाल यही कि पुलिस के भेस में कहीं गुंडा तो नहीं ?तीनों पीएसआई ने अपने ही थाना के वृद्ध एएसआई को पीटकर कर दिया जख्मी ,पहले से भी चल रहा हैं विभागीय कारवाई।
गांधी मैदान थाना के तीन प्रशिक्षु दारोगा की कार्यशैली को लेकर उठ रहें हैं सवाल ?सवाल यही कि पुलिस के भेस में कहीं गुंडा तो नहीं ?तीनों पीएसआई ने अपने ही थाना के वृद्ध एएसआई को पीटकर कर दिया जख्मी ,पहले से भी चल रहा हैं विभागीय कारवाई।
पटना /दरभंगा /संजय कुमार राय
गांधी मैदान थाना में तैनात प्रशिक्षु दारोगा के कार्यशैली को लेकर कई सवाल उठ खड़े हुये हैं ?सवाल यही कि वर्दी के रूप में कोई गुंडा तो नहीं ?अगर ऐसा नहीं हैं तो तो यें प्रशिक्षु दारोगा की कैसे इतनी हिम्मत हो गई कि विभाग के ही एएसआई को पीट दिया ,यह गुंडागर्दी नहीं तो और क्या हैं। गांधी मैदान थाना के एएसआई ने तीन प्रशिक्षु दारोगा पर टीओपी में बंद कर मारपीट का आरोप लगाया हैं। इन पीएसआई की पिटाई से एएसआई को गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज पीएमसीएच में कराया गया हैं। यह आरोप पीएसआई अविनाश ,पकंज और राहुल पर लगे हैं। इन पीएसआई को इतना भी ज्ञान नहीं हैं कि एएसआई भोला शर्मा उम्र दराज हैं इनके सेवानिवृत के कुछ साल बचे हैं ,कम से कम उनके उम्र का ख्याल करना चाहिये। अगर एएसआई ने कोई गलती भी की तो इसकी शिकायत पीएसआई को अपने थानेदार से करनी चाहिये ना कि टीओपी में बंद कर उसे मारना चाहिये। इस पिटाई के कारण उसके सीने में भी चोटें आई हैं जो सिटी स्केन में भी इसकी पुष्टि हुई हैं। एएसआई भोला शर्मा ने कहा कि तीनों पीएसआई से कई बार उन्होंने आग्रह किया कहा सर छोड़ दीजिये लेकिन वे लोग नहीं माने। एएसआई भोला शर्मा बेहोश हो गया इसके बाद तीनों पीएसआई वहां से भाग खड़े हुये।
बात यही खत्म नहीं हुई ,ए एसआई भोला शर्मा ने यह भी कहा कि जब वे इलाज करा रहें थे तो अविनाश उनके पास पहुंचा और धमकी दी कि अगर किसी भी तरह की धमकी दी तो तुम्हारा नौकरी समाप्त कड़ा देंगे,क्यूंकि हमारी पहुंच पुलिस मुख्यालय के वरीय पुलिस अधिकारियों तक हैं।
अब सवाल यही हैं कि पुलिस मुख्यालय में तैनात कौन ऐसा वरीय पुलिस अधिकारी हैं जिनका संरक्षण ऐसे पीएसआई को हैं ?
बताया जा रहा हैं कि किसी लड़की का बैग टेम्पो में छूट गया था वह लड़की टीओपी में शिकायत दर्ज करने आई। उस लड़की को लेकर एएसआई भोला शर्मा सीसीटीवी कैमरा दिखाने चले गये। जब भोला वापस टीओपी आयें तो कहा जा रहा हैं कि अविनाश ने गाली गलौज शुरू कर दिया था इसके बाद पीएसआई राहुल और पंकज वहां पहुंचा और तीनों मिलकर एएसआई की पिटाई कर दी।
बताया जा रहा हैं कि यें तीनों पीएसआई पर पूर्व से विभागीय कारवाई भी चल रहा हैं और यह कारवाई झारखंड से आई यौन शोषण पीड़ित महिला से बदसलूकी मामले में की गई थी।
अगर विभागीय कारवाई तीनों पीएसआई पर चल रहा हैं तो इतना तय हैं कि तीनों पीएसआई द्वारा उक्त महिला के साथ बदसलूकी की गई थी ,अगर बदसलूकी हुई थी तो प्राथमिकी दर्ज क्यू नहीं हुई ?आखिर इनका वह आका कौन पुलिस पदाधिकारी हैं जो इन्हें संरक्षण दे रहा हैं।
कई थाना पुलिस का कहना हैं कि तीनों पीएसआई की कार्यशैली गड़बड़ हैं ,और इनकी कार्यशैली गुंडा प्रवृति का हैं।ऐसे ऐसे पुलिस पदाधिकारियों को लेकर पुलिस विभाग बदनाम होता हैं ,पुलिस की नौकरी क्या मिली ,वर्दी का तांडव शुरू कर दिया।