कांग्रेस भले दवा करें लेकिन सच यही है कि भारत की लोकतंत्र और संविधान में कांग्रेस को ना तो कल भरोसा था और ना आज भरोसा है, यही कारण है कि बहुमत होने के बाद भी देश में पहली बार लोकसभा के अंदर स्पीकर को लेकर कांग्रेस जबरन वोटिंग करवाने जा रही है–पप्पू सिंह।
कांग्रेस भले दवा करें लेकिन सच यही है कि भारत की लोकतंत्र और संविधान में कांग्रेस को ना तो कल भरोसा था और ना आज भरोसा है, यही कारण है कि बहुमत होने के बाद भी देश में पहली बार लोकसभा के अंदर स्पीकर को लेकर कांग्रेस जबरन वोटिंग करवाने जा रही है–पप्पू सिंह।
कांग्रेस भले दवा करें लेकिन सच यही है कि भारत की लोकतंत्र और संविधान में कांग्रेस को ना तो कल भरोसा था और ना आज भरोसा है, यही कारण है कि बहुमत होने के बाद भी देश में पहली बार लोकसभा के अंदर स्पीकर को लेकर कांग्रेस जबरन वोटिंग करवाने जा रही है–पप्पू सिंह।
अलीनगर/दरभंगा।
इमरजेंसी अर्थात आपातकाल के विरोध में अलीनगर विधानसभा भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए समाजसेवी सह जिला किसान मोर्चा के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने बताया कि 25 जून 1975 अर्थात आज ही के दिन देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूरे देश में इमरजेंसी लगा दिया था।लोगों से सारे लोकतांत्रिक मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। जो लोग सरकार के खिलाफ सवाल करते थे या आंदोलन करते थे उन्हें जेल में डाल दिया जाता था और उन्हें प्रताड़ित किया जाता था।विडंबना देखिए वही कांग्रेस और उस पार्टी के तथाकथित युवराज राहुल गांधी इन दोनों देश में संविधान बचाने की बात करते हैं। सभा में उपस्थित युवाओं से आग्रह करते हुए पप्पू सिंह ने कहा कि हम लोगों को सचेत रहने की जरूरत है।चुनाव के दौरान भी विपक्षी दल के नेताओं ने अनर्गल बयानबाजी करते हुए कहा था कि केंद्र में अगर भाजपा या एनडीए की सरकार बनती है तो देश से संविधान को खत्म कर दिया जाएगा।लेकिन हम और आप जानते हैं कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जितना प्यार संविधान से करते हैं उतना कोई नहीं कर सकता। उसे दिन को भला कौन भूल सकता है जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने संविधान को प्रणाम कर माथे से लगा लिया था। इस देश से कभी भी संविधान को खत्म नहीं किया जा सकता है। पप्पू सिंह ने कहा कि कांग्रेस भले दवा करें लेकिन सच यही है कि भारत की लोकतंत्र और संविधान में कांग्रेस को ना तो कल भरोसा था और ना आज भरोसा है।यही कारण है कि बहुमत होने के बाद भी देश में पहली बार लोकसभा के अंदर स्पीकर को लेकर कांग्रेस जबरन वोटिंग करवाने जा रही है।वह जबरन शर्त थोप रही है कि उन्हें हर हाल में डिप्टी स्पीकर का पद चाहिए।जो कि पहले कभी नहीं हुआ।इस अवसर पर दर्जनों भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।