नीट पेपर लीक मामले में पीडब्लूडी विभाग के अधीक्षण अभियंता ,सहायक अभियंता एवं सहायक निलंबित ,राज्य सरकार के इस मामले में कड़े तेवर ?कई और पर हो सकती हैं कारवाई।
नीट पेपर लीक मामले में पीडब्लूडी विभाग के अधीक्षण अभियंता ,सहायक अभियंता एवं सहायक निलंबित ,राज्य सरकार के इस मामले में कड़े तेवर ?कई और पर हो सकती हैं कारवाई।
नीट पेपर लीक मामले में पीडब्लूडी विभाग के अधीक्षण अभियंता ,सहायक अभियंता एवं सहायक निलंबित ,राज्य सरकार के इस मामले में कड़े तेवर ?कई और पर हो सकती हैं कारवाई।
दरभंगा /पटना
नीट पेपर लीक मामले में राज्य सरकार के तेवर दिन प्रतिदिन शख्त होती जा रही हैं। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुये जो निर्देश दिया उसके बाद कई लोंगों की जान आफत में आ गई हैं ?इस मामले में पथ निर्माण विभाग के तीन कर्मियों पर कारवाई की गई हैं जिसमें दो अभियंता एवं एक क्लर्क का नाम शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन तीन लोंगों पर कारवाई हुई हैं उसमें अधीक्षण अभियंता उमेश राय ,सहायक अभियंता धर्मेन्द्र कुमार एवं कार्यालय कर्मी प्रदीप कुमार का नाम शामिल हैं। इन सभी को सरकार ने निलंबित कर दिया हैं। इस मामले में परीक्षार्थी अनुराग कुमार का कहना हैं कि पांच मई से एक दिन पहले रटने के लिये जो प्रश्न पत्र दिया गया था वहीं प्रश्न हूबहू परीक्षा में पूछे गये थे।
इसमें अनुराग ने पुलिस खुलासा किया था कि जल संसाधन विभाग के निलंबित कनीय अभियंता सिकंदर प्रसाद यादवेंदु के साले संजीव कुमार का बेटा हैं। प्रश्न पत्र के लीक मामले में इस ब्यान को इओयू आधार मानकर चल रही हैं।
वहीं दूसरी और उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का आरोप हैं कि निरीक्षण भवन की बुकिंग पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के पीएस और बिहार प्रशासनिक सेवा के प्रीतम कुमार के लिखित पत्र पर की गई थी।
इस आरोप के बाद संभावना बन रही हैं कि प्रीतम कुमार से भी ईओयू की टीम पूछताछ कर सकती हैं।
इधर कॉंग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पेपर लीक मामले को संसद में उठाने की बात कह रहें हैं।