मब्बी थाना परिसर से बालू से लदा ट्रक गायब , पुलिस ने किया बरामद ?लेकिन पुलिस कहती हैं ट्रक थाने में लगी थी ,गायब नहीं हुआ था?अवैद्य खनन के मामले में एन एच 57से सटे थाना पुलिस और दलाल के बीच रहती हैं बड़ी सांठ-गांठ।
दरभंगा /संजय कुमार राय
खनन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही कहें या फिर मब्बी थाना पुलिस की लापरवाही ,बालू लदे पकड़े गये दो ट्रकों में एक ट्रक लापता हो गया था । हालांकि मब्बी पुलिस उसे पकड़ने के लिये एड़ी -चोटी एक कर दी थी ।लेकिन ऐसा लगता हैं कि गायब ट्रक को पुलिस ने देर रात बरामद कर लिया हैं।यह घटना गुरुवार के दिन सुबह आठ बजे का हैं जब बालू से लदा दो ट्रक पकड़ा गया था।इसमें दोपहर बाद एक ट्रक मब्बी परिसर से गायब हो गया था।
लेकिन शुक्रवार की सुबह मब्बी थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि ट्रक थाने में लगी हैं।जब्कि गुरुवार की रात्रि में एक ही ट्रक थाने के सामने लगी थी जब्कि दूसरा लापता था।
दरअसल पत्रकार और पुलिस के बीच इस ट्रक को लेकर आंख मिचौली होती रही ।
यह ट्रक सुबह में थाने में लगी रहने की बात थानाध्यक्ष ने बताया हैं।इसका मतलब यह हैं कि रात में ट्रक को बरामद कर लाया गया हैं क्यूंकि जब यह पत्रकार थाना पहुंचा था तो थाने में ट्रक नहीं था।ऐसा भी हो सकता हैं कि रात में किसी और ट्रक को पकड़कर यह बताया जा रहा हो कि ट्रक थाने में लगी हैं।जो जांच का विषय बन सकता हैं।
विशेष सूत्रों से दस्तक 7को पता चला कि मब्बी थाना में बालू से लदा एक ट्रक थाने में लगी हैं और दूसरा बालू से लदा ट्रक गायब हो गया हें। इस बाबत जब मब्बी थानाध्यक्ष दीपक कुमार से पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि बालू से लदा ट्रक उनके थाने के सामने खड़ी हें।
कुछ देर बाद सूत्र ने बताया कि सर आप यकीन मानिये कि बालू लदा एक ट्रक मब्बी थाना के सामने से गायब हो गया हें दरअसल चालक उस गाड़ी को लेकर भाग गया हें जब्कि उस ट्रक का सीजर लिस्ट बनाया जा चुका हें।
इस जानकारी को कन्फर्म करने के लिये डीटीओ निशांत कुमार से जब बात हुई तो उन्होंने कहा कि उनके जानकारी में यह बात नहीं हें।
इसके तुरंत बाद गुरुवार की रात्रि के दस बजे के करीब इस संवाददाता ने मब्बी थाने की और रुख किया ,थाना पहुंचे फिर थानाध्यक्ष को फोन किये कि सर ट्रक कहां हें ?उन्होंने जवाब दिया कि ट्रक थाने के सामने खड़ी हें।थाने के सामने बालू लदा एक ट्रक खड़ा था।
इतने में थानाध्यक्ष भी पहुंच गये उन्होंने कहा कि यही ट्रक हें। ट्रक के चालक से पूछा गया कि गाड़ी पर क्या लदा हें ?चालक ने कहा, बालू हें ?चालक से पत्रकार ने पूछा कि दूसरा गाड़ी कहां हें ?चालक का जवाब था कि वह गाड़ी हाइवा ट्रक था जिसपर बालू लदा था उसे चालक लेकर फरार हो गया हें।चालक ने कहा कि मेरे अलावे एक हाइवा ट्रक भी पकड़ा गया था।
चालक के कहने के बाद थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि उस हाइवा का लोकेशन मिल गया हें उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही हें। उन्होंने कहा कि खनन विभाग के अधिकारियों ने ट्रक पकड़कर यहां लगा दिया था। थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि थाना के सामने ट्रक लगाने का जगह नहीं हें इस कारण ट्रक को थोड़ा आगे लगा दिया गया होगा जिसे चालक लेकर फरार हो गया अब इसे क्या कहेंगे ,खनन विभाग के अधिकारियों की गलती या फिर थानाध्यक्ष की लापरवाही ????शुक्रवार की सुबह मब्बी थानाध्यक्ष कह रहें हैं कि वह ट्रक भी थाने में लगा हुआ हैं।इस ट्रक के मामले में थानाध्यक्ष खुद कई बार अलग अलग तरह से अपनी बातों को बताया हैं जो कहीं ना कहीं से संदेहास्पद हैं ?
खैर यहां बता देना जरूरी हें कि अवैद्य खनन को लेकर कई ट्रकें सड़कों पर दौड़ती हें। सूत्रों की माने तो अवैध खनन में एन एच से सटे थाना और ट्रक मालिकों के बीच सांठ -गांठ होती हें। सूत्र बताते हें कि अवैध खनन के मामले में प्रति ट्रक थाना पुलिस का पैसा बंधा रहता हें। अगर सही समय पर ट्रक चालक थाना पुलिस को पैसा नहीं देता हें तो वैसी स्थिति में पुलिस ट्रक को पकड़ भी लेती हें और भारी भरकम जुर्माना भी डीटीओ को पत्र भेजकर लगवा देती हें।
अब इस मामले को थोड़ा विस्तार से समझते हैं।दो तीन महीने पुरानी बात हैं ????कौन हैं सिमरी थाना का पुलिसकर्मी ?नाम हैं लक्ष्मण।
जो स्क्रीन शॉर्ट मेरे पास उपलब्ध हैं उसके मुताबिक तो यही समझ में आता हैं कि एन एच 57पर कई खेल होता हैं उसमें एक खेल यह भी हैं और व्हाट्सएप काल के जरिये पुलिस और बालू दलाल के बीच इन लोंगों में बात होती रहती हैं।
दरअसल ऐसा ही एक मामला तीन माह पूर्व इस पत्रकार के पास आया था जिसमें सिमरी थाना में तैनात कोई लक्ष्मण नाम का पुलिसकर्मी हें ?इस पुलिस कर्मी के मोबाईल पर कई ट्रकों के नंबर हें। आप देख सकते हें। अब जीतने नंबर पुलिसकर्मी के मोबाईल पर हें इसमें सूत्रों का कहना हें कि अवैध खनन मामले में 30हजार रुपये प्रति माह पुलिस प्रति ट्रक पैसा लेती हें।सूत्र यह भी कहता हैं कि अगर महीना खत्म होते ही पुलिसकर्मी को पैसा नहीं दिये तो ट्रक को पकड़कर पुलिस डीटीओ के हवाले कर देती हैं और डीटीओ द्वारा भारी भरकम दंड लगा दिया जाता हैं। स्वाभाविक हैं कि एक तो अवैध खनन उसपर ओवरलोड ,दंड तो जिला परिवहन विभाग लगाएगा ही ?

हालांकि जो मोबाईल फोटो मेरे पास उपलब्ध हैं उसे देखने से पता चलता हैं कि पुलिस और ट्रक के बीच का कोई दलाल इस ट्रक नंबर को पुलिसकर्मी लक्ष्मण के पास भेजता हैं और व्हाट्सएप कॉल पर बात कर रकम फिक्स करता हैं और इसका इकरारनामा एक महीने का होता हैं। एक महीने तक बालू के अवैध खनन के मामले में पुलिस कारवाई नहीं करती हैं। ट्रक को हरी झंडी दे दी जाती हैं।हालांकि इन सभी पकड़े गये ट्रकों में जुर्माना लगा था।
हालांकि यह जांच का विषय जरूर हैं और मामला गंभीर हैं। सरकार बालू के अवैध खनन के मामले में शख्त हैं और कारवाई भी करती हैं।

आर्थिक अपराध इकाई ने इस मामले में संलिप्त कई ऐसे पुलिस अधिकारियों /कर्मियों /प्रशासनिक पदाधिकारियों पर भी कारवाई की हैं।


