न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं करना अनुसंधानकर्ता को पड़ गया महंगा।केस डायरी ससमय न्यायालय मे उपस्थापित नहीं करने के कारण न्यायालय ने ठोक दिया तीन हजार रुपये का जुर्माना।

दरभंगा, विधि संवाददाता /

दरभंगा जिला के उत्पाद अधिनियम के प्रथम विशेष न्यायाधीश की अदालत ने मंगलवार को न्यायिक आदेश का ससमय अनुपालन नहीं करने को लेकर एक अनुसंधानक को तीन हजार रुपये दंड निर्धारित किया है। विशेष न्यायाधीश श्रीराम झा ने काराधीन अभियुक्त अमित कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए केस डायरी की मांग किया था। इसके बाद भी न्यायालय आदेश की अवहेलना कर उत्पाद थाना, सदर, दरभंगा के उत्पाद निरीक्षक सह कांड के अनुसंधानक प्रकाश राम ने केस डायरी कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया। उत्पाद अधिनियम के विशेष न्यायाधीश श्रीराम झा की कोर्ट ने उत्पाद थानाकांड सं. 341/24 में काराधीन आरोपी अमित कुमार की ओर से दाखिल जमानत याचिका की सूनवाई के दौरान कोर्ट ने गत 16 मई को केश दैनिकी समर्पित करने का आदेश दिया था।आरोपी की याचिका पर मंगलवार को सूनवाई निर्धारित थी।लेकिन अनुसंधानक ने न्यायालय के आदेश के बाबजूद कांड दैनिकी समर्पित नही किया।जबकि वह किसी अन्य मामले में गवाही देने के लिए कोर्ट में उपस्थित था।अदालत ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए अनुसंधानक को 3 हजार रुपये अर्थदण्ड जमा करने का आदेश दिया है।अब आरोपी की जमानत याचिका की सूनवाई के लिए 01 जून की तिथि निर्धारित किया है।काराधीन अभियुक्त की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए समय सीमा निर्धारित है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी गाइड लाइन जारी किये हुये है। इसके बावजूद भी अनुसंधानक से मांग किये जाने के बाद भी निर्धारित तिथि को केस डायरी कोर्ट में प्रस्तुत नहीं करने को गंभीरता से लिया गया है।