सकरी चीनी मील केम्पस मे कुछ दिनों पहले पुलिस को मिली लाश के मामले मे यूडी कांड दर्ज करना पर्याप्त नहीं ?कहीं प्रेम प्रसंग को लेकर हत्या तो नहीं ?मृतक के परिजन ने एसएसपी से लगाया न्याय की गुहार 

दरभंगा /

हत्या जैसे गंभीर मामलों को सहजता से लेना मनीगाछी पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया प्रश्न खड़ा करता हैं इसे लेकर पीड़ित परिवार ने वरीय पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाया हैं। दरअसल यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ हैं इस कारण पुलिस इसे गंभीरता से नहीं लें रही हैं लेकिन जो घटना क्रम हैं ,प्रथम दृष्टया यह हत्या का ही मामला लगता हैं ?मृतक का अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट अगर पुलिस के समक्ष आ गया होगा तो यह साफ हो जाएगा कि यह हत्या हैं या आत्महत्या ?
नेहरा थाना के कायस्थ कबेय निवासी स्व सुरेन्द्र झा के पुत्र सुशील झा ने एसएसपी को आवेदन देकर कहा कि कुछ दिन पहले सकरी चीनी मिल मे मेरे बेटे की हत्या कर वहां लाश रख दिया गया था जब्कि मेरा बेटा दो दिन पहले दिल्ली जानें के लिये घर से निकला था। लाश बरामद होने पर मनीगाछी थाना की पुलिस ने यू डी केस दर्ज किया लेकिन इस मामले मे अनुसंधान नहीं कर मामले को ठंडे बसते मे डाल दिया
जब्कि उसकी हत्या राम प्रसाद महतो ,उमेश महतो ,पप्पू महतो ,जय प्रकाश महतो ,बुद्धू महतो ,घूरन महतो चंदन महतो आदि ने कर दिया हैं।
दरअसल सुशील झा के पुत्र सुभाष कुमार झा को गांव के ही राम प्रसाद महतो के पुत्री से हो गया था। दोनों के प्रेम प्रसंग मे जाति बाधक था इस कारण दोनो परिवार मे विवाद बढ़ गया था।सुशील झा का कहना हैं कि लड़की के पिता अपने परिजनों के साथ मेरे घर पहुंचकर लड़की रखने का दबाव दे रहें थे ,कई बार लड़की पक्ष के लोग मारपीट व जान मारने की धमकी दे रहा था ।
सुशील झा का कहना हैं कि इसी डर से अपने पुत्र को दिल्ली भेंज दिया। वह घर से ट्रेन पकड़ने दरभंगा स्टेशन निकला था लेकिन उसकी लाश दो दिनों बाद सकरी चीनी मिल के केम्पस मे मिली। सुशील का आरोप हैं कि लड़की पक्ष के सभी लोग एक साजिश के तहत सुभाष को सकरी चीनी मिल के सुनसान जगहों पर हत्या कर दिया गया।
सुशील का कहना हैं कि इसे लेकर जब मनीगाछी थाना मे आवेदन देने गये तो मनीगाछी थाना के अध्यक्ष ने उनका आवेदन नहीं लिया।
इसके बाद सुशील ने एसएसपी को आवेदन देकर आग्रह किया हैं कि उनके आवेदन पर जांच कर कारवाई करने का कृपा प्रदान करें।

वहीं दूसरी और सकरी चीनी मिल के भीतर प्रांगण से मिली लाश को लेकर सवाल तो हैं ?इस मिल के भीतर कोई भी स्थानीय लोग नहीं जाता हैं।ऐसे मे सुभाष का लाश मिलना प्रश्न खड़ा करता हैं।उसने खुद से आत्महत्या तो की नहीं हैं ?हाँ पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चलना स्वाभाविक हैं कि सुभाष ने आत्महत्या की हैं या नहीं ?