अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष राजीव कुमार चौधरी के नेतृत्व में कामरेड भोगेन्द्र झा चौराहा पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पूतला दहन किया। जहाँ किसान सभा के पूर्व जिला महासचिव नारायण जी झा, राम नरेश राय, जिला उपाध्यक्ष चंदेश्वर सिंह, किसान नेता गौतम कांत चौधरी, ललित मिश्रा, रोशन कुमार, मंटू कुमार आदि वक्ताओं ने कहा कि बक्सर जिला अंतर्गत चौसा प्रखंड के बनारपुर,मोहनपुरवा और कोचाढी गाँवों में घुसकर विगत 20 मार्च 2024 को जिला प्रशासन के नेतृत्व में हुए पुलिसिया तांडव एवं नंगा नाच जिला प्रशासन द्वारा सुनियोजित था। संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान आंदोलन को कुचलने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई इन कुकृत्यों की घोर निंदा करती है तथा डब्ल इंजन की मोदी-नीतीश सरकार से मांग करती है कि अविलंब न्यायिक जांच कर दोषी पुलिस एवं पदाधिकारियों पर अविलंब कठोर कार्रवाई की जाए। पुलिस द्वारा सुबह-शाम गांवों में घुसकर आम लोगों को आतंकित करना बंद करे। गिरफ्तार किसानों को अविलंब रिहा किया जाए। बक्सर के दोषी डी एम, एस पी और एसडीओ को जांच से पहले तुरंत बक्सर से हटाया जाए। किसानों को अधिग्रहीत जमीन का वाजिब मुआवजा का अविलंब भुगतान किया जाए। पुलिस द्वारा किसानों के घरों में घुसकर किए गए तोड़-फोड़ ,घर के साजो-सामान को हुए नुकसान तथा लूटे गए बहुमूल्य बेशकीमती सामानों की क्षतिपूर्ति दिया जाए एवं दोषी लोगों पर मुकदमा किया जाए।

कैग रिपोर्ट के अनुसार किसानों के भुगतान मे हुए घोटाले के लिए दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई किया जाए। मोदी-नीतीश सरकार यदि अविलंब ठोस कार्रवाई नहीं की तो इस बार किसान आम चुनाव में एनडीए गठबंधन का पूरर्जोर विरोध करेगा। संयुक्त किसान मोर्चा के सभी नेता चौसा कुच करेंगे तथा चौसा में विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। संपूर्ण बिहार से किसान महापंचायत में भाग लेने के लिए किसान चौसा कुच करेंगे। चौसा किसान महा पंचायत से संपूर्ण बिहार में किसान आंदोलन का शंखनाद होगा।

चौसा में पुलिस की गुंडागर्दी, लूटपाट तथा बेरहमी से की गई भीषण लाठी चार्ज पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि चौसा की घटना को देख सुनकर संपूर्ण बिहार के किसान आक्रोशित है।आजाद भारत में आज तक इस तरह की दरिंदगी किसानों पर भयानक हमला कभी हमने देखा सुना नहीं था। आतंकवादियों एवं भेटरेन अपराधकर्मियों द्वारा जिस प्रकार से घटना को अंजाम देने की योजना बनाई जाती है। उसी प्रकार बक्सर जिला प्रशासन ने फैक्ट्री प्रबंधन से मोटी रकम लेकर इस कांड को अंजाम दिया है। किसान विगत 550 दिन से अपने 9 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। पहले भी तो आंदोलन को कुचलने की कार्रवाई प्रशासन कर सकती थी।परंतु जिला प्रशासन इंतजार कर रही थी कि जब चुनाव आचार संहिता लागू हो जाए और होली मे कोर्ट बंद हो, तब घटना को अंजाम देंगे,ताकि कोई राजनीतिक दल इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा और किसान संगठित होकर प्रतिकार नहीं कर पाएंगे। पुलिस प्रशासन ने गांवों में घुसकर गुंडागर्दी भद्दी-भद्दी गालियां देकर लोगों को उत्तेजित किया।उन्हें अपने घरों से निकलने के लिए विवश किया और जब लोग बाहर आए तो पुलिस ने उन पर दुश्मन की तरह हमला बोल दिया।क्या बच्चे, क्या महिला,क्या बूढ़े,क्या जवान, किसी को नहीं बक्शा गया। राह चलते राहगीरों पर लाठीचार्ज वास्तव मे पुलिसिया गुंडागर्दी की अति हो गई।चौसा में लोगो को ब्रिटिश हुकूमत की याद दिला दी।इफ्तार कर रहे रोजेदार को भी नही बक्सा गया।पुजा घर मे भी घुसकर तोड़-फोड़ की गई।पुलिस की गुंडागर्दी से आमलोग उत्तेजित किया।