कमतौल पुलिस ने की ,विदेशी शराब की 11सो बोतल बरामद ,लेकिन इस कारोबार का सरगना कौन ?दरभंगा पुलिस की कारवाई से सतर्क है शराब कारोबारी ?

दरभंगा /संजय कुमार राय 

दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश के आलोक मे अवैध नशीलें पदार्थ के निर्माण एवं उसके भंडारण को लेकर सभी थाना की पुलिस कारवाई कर रही है इस कारवाई के  कारण पुलिस को उपलब्धि भी मिल रही है लेकिन पुलिस विदेशी शराब की बरामदगी के मामले मे उस माफिया तक नहीं पहुंच रही है जो भंडारण कर पूरे शहर मे शराब को बांट रहा है।

शराब माफिया कौन ?

अगर विदेशी शराब की बरामदगी हो रहा है तो निश्चित रूप से किसी ना किसी से वह खरीद रहा है। पुलिस विदेशी शराब के साथ लोंगों को पकड़ती है और जेल भेंज देती है लेकिन पुलिस यह पता लगाने मे नाकामयाब हो जाती है कि इसका माफिया कौन है ?इस कारण पुलिस उस माफिया तक नहीं पहुंच पाती है। एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी के कड़े तेवर के कारण पुलिस उपलब्धि जरूर कर रही है लेकिन इस उपलब्धि के आड़ मे चर्चा है कि कई थानाध्यक्ष के जेब भी गर्म हो रहें है। एक लोकोक्ति है कि एक पंथ ,द्वि काज।

शहर के मुहल्लों मे हो रही है शराब की होम डिलीवरी 

शहर का कोई मुहल्ला ऐसा नहीं है जहां शराब की होम डिलेवरी नहीं होती है। होम डिलीवरी अगर शराब की होती है तो शराब आते कहाँ से है ?
तात्कालीन एसएसपी के तबादले से ठीक पहले उनके कार्यकाल मे करीब दो महीने तक एक आध शराब की बरामदगी छोड़ शराब की बरामदगी नहीं हो रही थी ,ऐसा लग रहा था कि शराब के मामले मे दरभंगा मे राम राज्य स्थापित हो गया हो लेकिन इसके पीछे का राज कुछ अलग ही था।दुर्भाग्य यह है कि ऐसे ऐसे मामलों को उजागर करने वाले पत्रकार को ही पूर्व मे वरीय पुलिस अधिकारी निशाना बनाने लगते थे  ?और किसी थाना से संबंधित खबर छपती थी तो जांच करने के बदले उस थानेदार का ही वरीय पुलिस अधिकारी पीठ थपथपा देते थे  ,ऐसे मे थानेदार भी निश्चिंत हो जाते थे कि उनका आका उनकी देखभाल मे जुटा है दरअसल इसके पीछे भी बस लेन देंन था ? ऐसा अक्सर तात्कालीन एसएसपी के समय मे देखा गया है।

नये एसएसपी के तेवर कुछ अलग ,लेकिन शराब मामले मे कई थानेदारों की भूमिका संदिग्ध ?

इस मामले मे नये एसएसपी के मिजाज कुछ अलग है। नये एसएसपी जिला मे बेहतर पुलिसिंग करना चाहते है लेकिन बाहर जिले से आयें कई थानेदार शराब के मामले मे पारंगत है। ऐसे थानेदारों के विरुद्ध जानकारी लेने के लिये एसएसपी को कुंडली खंगालनी होगी और उनके कुंडली की पड़ताल तब हो पाएगी जब उनके मोबाईल नंबर के व्हाट्सएप कॉल को खंगाला जाएगा ।

मोबाईल के पीछे भी एक राज है वह राज है व्हाट्सएप कॉल ?

अगर अचानक कुछ थाना प्रभारियों के व्हाट्सऐप कॉल को खंगाला जाय तो पता चल सकता है कि किसके किसके कॉल आयें है हालांकि बात करने के बाद उस व्हाट्सएप कॉल को भी ये लोग डिलीट कर देते है।

खैर जिले मे बेहतर पुलिसिंग हो रही है। एसएसपी की पैनी नजर भी पूरे जिले पर है।

कमतौल पुलिस ने बरामद किया विदेशी शराब की 11सो बोतल 

कमतौल पुलिस ने भारी मात्रा मे विदेशी शराब को पकड़ा है। पुलिस को सूचना मिली कि कमतौल के ही विनोद कुमार यादव के पुत्र कृष्ण कुमार यादव के घर भारी मात्रा मे शराब है। पुलिस जब उसके घर छापेमारी की तो 180ml का 1100बोतल यानि कुल 180लीटर विदेशी शराब की बरामदगी के साथ विनोद यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस इस मामले मे प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत मे भेंज देगी। लेकिन पुलिस  यह पता लगाने की कोशिश नहीं करेगी कि विनोद ने 11सो बोतल विदेशी शराब किससे खरीदी। अगर पूछताछ का सही दंड प्रक्रिया पुलिस अपनाती है और माफियाओं तक पुलिस का हाथ पहुंच जाता है तो अवैध शराब की बिक्री पर आपरूपी प्रतिबंध हो जाएगा ,पर पुलिस ऐसा नहीं करती है ?