सकतपुर थाना क्षेत्र के नदियामी गांव में मंगलवार को नदियामी पंचायत के पूर्व मुखिया उमेश नारायण चौधरी के 34 वर्षीय पुत्र केदार नाथ चौधरी ने गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है।

घटना की सूचना पर थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया। इस मामले मृतक के पिता श्री चौधरी ने कहा कि एक सप्ताह पूर्व केदार ने सकतपुर थाने में अग्निशमन रक्षक पद पर योगदान दिया था। नजदीक में रहने के कारण वह रोज दोपहर में खाना खाने घर आ जाया करता था। उन्होंने कहा कि दूसरे दिनों की तरह मंगलवार को भी दोपहर में खाना खाने घर आया था।

उस समय उसकी पत्नी प्रीता चौधरी घर में सोई हुई थी। केदार ने पत्नी को उठाकर खाना देने की बात कही। पत्नी जैसे ही उठकर खाना लाने रसोई घर में गई, वैसे ही उसने अन्दर से कमरा बन्द कर लिया और गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पत्नी खाना लेकर आयी और खाना खाने के लिए आवाज लगाने लगी। दरवाना नहीं खोलने पर जब खिड़की खोली तो देखा कि केदार ने गले में फंदा लगा लिया है। यह देखते ही वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी।

आवाज सुनकर पहुंचे परिजनों ने किसी तरह दरवाजा खोलकर अन्दर प्रवेश किया। तब तक केदार दम तोड़ चुका था। हालांकि थानाध्यक्ष ने फिलहाल घटना के कारणों का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है।