चांद दिखने के साथ ही माह-ए-रमजान का हुआ शुभारंभ,मुस्लिम भाईयों के लिए पवित्र माह है रमजान, सहरी और इफ्तार का होता है खास महत्व।

उत्तम सेनगुप्ता/दरभंगा

मुस्लिम समुदाय के लिए रमजान का महीना काफी खास होता है। इसे सबसे पवित्र माह माना जाता है। पूरे एक माह चलने वाले इस पर्व में लोग रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं। रमजान माह में चांद का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी के आधार पर ही रोजा शुरू होते हैं और चांद दिखने के बाद ही ईद का पर्व मनाया जाता है। रोजा में अल्लाह की इबादत करने के साथ अंत में शव्वाल की आखिरी तारीख को ईद-उल-फितर का त्यौहार मनाया जाता है। इधर सोमवार को देर शाम
चांद के दिखने के साथ ही मुस्लिम भाईयों का पवित्र माह रमजान का शुभारंभ मंगलवार से हो गया। रमजान के समय लोग सुरज के निकलने से पहले सहरी खाकर इबादतों का सिलसिला शुरू कर देते हैं। मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे महीने रोजा रखते हैं और सूरज निकलने से लेकर डूबने तक कुछ भी नहीं खाते पीते हैं।रोजा के दौरान लोग सहरी करने के लिए सुबह सूर्योदय से पहले उठते हैं और शाम को इफ्तार साथ अपना उपवास तोड़ते हैं। साथ मस्जिद में महीने भर इबादत करते हैं और अपने गुनाहों की माफी मांगते। सुपौल पंचायत के मुखिया मो.कासीफ उर्फ उजाले का कहना है कि रोजा रखने का मतलब सिर्फ भुखे प्यासे रहना नहीं बल्कि इस दौरान न बुरा देखें, न बुरा सुनें और न ही किसी को बुरा कहें।