दरभंगा: जिले के जाले स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में रविवार को केंद्र के अध्यक्ष सह वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिव्यांशु शेखर की अध्यक्षता में किसान मेला लगाया गया। पद्मश्री किसान चाची राजकुमारी देवी, मधुबनी के सांसद डॉ. अशोक कुमार, विधायक सह पूर्व मंत्री जीबेश कुमार, मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा के वरीय वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार और आईसीएआर के वैज्ञानिक डॉ. केके सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. दिव्यांशु ने केंद्र की गतिविधियों की संपूर्ण जानकारी देते हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि मधुबनी सांसद डॉ. अशोक कुमार यादव ने पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा किसान कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। सांसद ने कहा कि एनडीए सरकार के पहले पिछले 40 वर्षों में देश के किसानों के लिए सरकारी कल्याणकारी योजनाएं नहीं चलाई गई।

बतौर मुख्य अतिथि जाले के विधायक जीबेश कुमार ने कहा कि उनके क्षेत्र ही नहीं बल्कि संपूर्ण दरभंगा जिले के किसानों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र पथ प्रदर्शक का काम कर रहा है। अनेकों गांवों में मौसम अनुकूल खेती परियोजनाओं के तहत विभिन्न फसलों का आधुनिक तरीके से प्रत्यक्षण कर किसानों को आधुनिक तरीके से खेती करने के गुर सिखाए जा रहे हैं। इस कार्य में कृषि वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। बावजूद इसके अनेकों किसान अपनी परम्परागत खेती को पकड़े हुए हैं। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे कृषि विज्ञान केंद्र में आकर कृषि फार्म में लगने वाली फसलों की विधियों एवं देखभाल करने के तौर-तरीकों को सीखें।

मखाना अनुसंधान केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि आज के मौसम के साथ किसानों को सभी कृषि उत्पाद के तौर-तरीकों को सीखने के लिए कृषि वैज्ञानिकों को सच्चा दोस्त बनना होगा। उनसे जुड़कर उन्हें रहना होगा। आईसीएआर के वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ. केके सिंह ने पूसा स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय की ओर से देश के किसानों और कृषि कार्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से चर्चा की।

कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में रविवार को आयोजित किसान मेले में विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी और प्रगतिशील किसानों की ओर से 55 स्टॉल लगाए गए थे। इसमें मधुबनी पेंटिंग्स, मखाना प्रोडक्ट, एग्री प्रोडक्ट, नर्सरी प्लांट, सीड, जीविका की ओर से सिक्की मेड हैंडलूम, मुर्गी पालन, बत्तख पालन आदि डेमो यूनिट शामिल थे। पद्मश्री किसान चाची राजकुमारी देवी के अचार का स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना रहा और बड़ी संख्या में किसानों ने अचार खरीदा।