विधायक जी का पुत्र मोह कही बेटे को अपराधी ना बना दें ?गलती करने के बाद ही पुलिस ने की हैं उसपर कारवाई ?पांच दिन पहले भी एक पुलिस पदाधिकारी को दें दिया था धमकी।

दरभंगा /संजय कुमार राय

केवटी थाना की पुलिस मंगलवार के दिन पहले से सतर्क नहीं रहती तो विधायक के समर्थकों द्वारा कोई भी बड़ी घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता था,लेकिन पुलिस की सतर्कता एवं पुलिस की भारी भरकम बंदोबस्त ने समर्थकों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया और थाना केम्पस तक आने की हिम्मत किसी ने नहीं जुटाई।

दरअसल विधायक के पुत्र की गिरफ्तारी के बाद भाजपा विधायक के तेवर ही कुछ अलग दिख रहें थे। विधायक ने जहां पुलिस पर 40हजार रुपये घुस मांगने का आरोप लगा दिया वहीं अपने बेटे के इनकाउंटर को लेकर पुलिस पर आरोप गढ़ना शुरू कर दिया।इतना ही नहीं कई मनगढ़ंत आरोप विधायक ने पुलिस पर लगाये । विधायक ने कहा कि हमलोग राजनीति जीवन मे रहने वाले लोग हैं एवं लोकतंत्र पर पूरी आस्था हैं।
यहां बता दें कि राजनीति मे लोकतंत्र की दुहाई सब देते हैं और यही लोकतंत्र हैं कि कई आपराधिक किस्म के लोग सत्ता मे बैठे हुये हैं। जानकारों का कहना कि लोकतंत्र की बधाई देने वाले विधायकों मे बिहार के जीतने विधायक हैं उनकी जन्म कुंडली खंगाली जाय तो आधे से ज्यादा विधायक इस दायरे मे आ सकते हैं। राजनीति मे आने के लिये इस तरह का क्रियाकलाप सस्ती लोक प्रियता पाने के लिये हैं और नासमझ जनता ऐसे ऐसे लोगो को चुनकर विधानसभा तक पहुंचा देती हैं और विधायक बनते ही फिर उनकी हेकड़ी देखिये ?
कही ऐसा तो नहीं कि सस्ती लोकप्रियता के लिये विधायक जी बेटे को गलत कदम को रोकने के बजाय शह दें रहें हैं।
ऐसे मे स्वाभाविक हैं कि वह आपराधिक रास्तों पर चलने की कोशिश करेंगा और कल अपराधी भी बन जाएगा ? समय रहते बेटे को एक अच्छा इंसान बनाने की कोशिश कीजिये वरना पुलिस तो पुलिस हैं कब तक बर्दाश्त करेगी ?
केवटी के वर्तमान थानाध्यक्ष अनोज़ कुमार के साथ की गई गाली गलौज या गोली या जान मारने की धीरेन्द्र कुमार यादव उर्फ धीरज की पहली गलती नहीं हैं ?चार -पांच दिन पहले भी रैयाम थाना के एक पुलिस पदाधिकारी को फोन से धमकाया था। यह गलती विधायक पुत्र की
कोई पहली गलती नहीं थी ?इससे पूर्व भी कई गलतिया उसने की हैं जो आपके नजर हैं। केवटी के भाजपा विधायक मुरारी मोहन झा के साथ हुये पूर्व के मामले को भी विधायक श्री यादव ने झूठा बताया ,तो क्या विधायक मिश्री लाल यादव हरिश्चंद्र हैं ,और सभी के सभी झूठे।

यहां बता दें कि विधायक मिश्री लाल यादव के समर्थकों ने उनके पुत्र धीरज की गिरफ्तारी को लेकर विरोध मार्च निकाला और केवटी थानाध्यक्ष पर 40हजार घुस मांगने को लेकर उनपर कारवाई की मांग की।

दरअसल केवटी थाना की पुलिस धीरज के करतूत से आजीज थी लेकिन पिता के विधायक होने के कारण पुलिस हाथ पर हाथ धरकर बैठ गई थी। कई पुलिसकर्मी एवं पदाधिकारी ऐसे हैं जो विधायक बेटे के दबंगई का कोपभाजन बनकर भी चुपचाप था। विधायक जी ,
पुलिस आपके बेटे का दुश्मन नहीं हैं ,हाँ आपका बेटा पुलिस को जरूर दुश्मन मानती हैं क्यूंकि उसकी कार्यशैली गलत हैं । ऐसे मे विधायक जी आपकी जवाबदेही बनती हैं कि आप अपने बेटे को संभाले ना की पुलिस पर झूठा आरोप लगाये। पुलिस को आपसे कोई दुश्मनी नहीं हैं ना ही आपके पुत्र से ,हाँ कार्यशैली गलत होगी तो पुलिस कारवाई जरूर करेगी ?यह कारवाई पुलिस को बहूत पहले कर देनी चाहिये थी लेकिन केवटी थाने की पुलिस अनदेखी करती रही जिसका नतीजा अब निकलकर सामने आया।
केवटी पुलिस के पास वह सारे सबूत हैं जो धीरज को अभियुक्त बनाने के लिये और कारवाई के लिये काफी हैं अगर धीरज के पास कोई सबूत हैं तो उसे भी पुलिस के वरीय पदाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिये ?अगर ऐसा नहीं हैं तो विधायक मिश्री लाल यादव द्वारा पुलिस पर झूठे आरोप लगाना कही से उचित नहीं हैं क्यूंकि जनता के प्रतिनिधि होने के साथ साथ संवेधानिक जवाबदेही हैं ।आम जनता भी किसी विधायक से कुशल व्यवहार की उम्मीद करती हैं।