दरभंगा शहर के जाम की समस्याओं का आखिर कौन करेगा निदान ,पूरा शहर दिन भर रहता हैं जाम ही जाम।

दरभंगा /संजय कुमार राय

प्रशासनिक उदासीनता के कारण दरभंगा शहर जाम का शहर बन गया हैं। शहर के रास्तों से गुजरने मे लोंगों को डर लगता हैं ?डर यही कि यदि इस रास्ते से गुजरे तो पता नहीं कितने घंटे लगेंगे लेकिन मजबूरन लोंगों को इस रास्ते से जाना पड़ता हैं।
सोमवार की शाम तो हद हो गई ,सड़कों का नजारा देखने से रूह कांप गई। लहेरियासराय टावर ,हजमा चौराहा ,बेता ,दोनार चौक आदि हर जगह जाम ही जाम। सड़क जाम को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था कुछ भी नहीं। अब इससे निपटने के लिये सरकार ने अलग से यातायात थाना खोल दिया। लेकिन यातायात थाने द्वारा तैनात की गई यातायात पुलिस मूक दर्शक बन जाती हैं ।इन्हें भीड़ को संभालने मे काफी दिक्कतें होती हैं इस कारण जाम की समस्या बढ़ती ही जा रही हैं।आम लोंगों को भी जल्दबाजी इतनी होती हैं कि जहां तहां गाड़ी को खड़ी कर देते हैं।ऐसे मे पुलिस करें भी तो क्या करें।पुलिस मना करती रहती हैं और लोग मानते नहीं इस कारण भी समस्या बन जाती हैं।

दरअसल वन वें व्यवस्था जब तक जिला प्रशासन द्वारा सुदृढ़ नहीं की जाएगी तब तक सड़क जाम की समस्या बनी रहेगी.डीआईजी बाबू राम जिला मे योगदान देते ही ट्रेफिक प्रभारी को क्लास लगाते हुये कहा था कि प्रशिक्षित सिपाही को यातायात संभालने मे तैनात करें लेकिन मामला जस का तस।नये एसएसपी के योगदान के बाद लोंगों को लग रहा हैं कि यातायात व्यवस्था मे सुधार होगा।कई दुकानदार /सब्जी ठेला /या अन्य ठेलेवाले भी सड़कों का अतिक्रमण कर अपनी दुकानदारी मजे से कर रहें हैं।कहा जा रहा हैं कि इन ठेलेवालों से नाजायज वसूली की जा रही हैं।दरभंगा टावर चौक का नजारा देखने पर आप सोच मे पर जाएंगे।यहां चारों तरफ ठेला ही ठेला।