दरभंगा में पुलिस या प्रशासन की थोड़ी सी लापरवाही बड़ी घटना को अंजाम दें सकती हैं। कई लोग ऐसी जुगत में हैं कि दो समुदायों के बीच झड़प हो ? ऐसे में मुहर्रम को लेकर जिला प्रशासन को ठोस कदम के तहत कारवाई करने की आवश्यकता हैं अगर जिला प्रशासन ऐसा नहीं करती हैं तो दोनों समुदाय के कई बड़े लोग इस फिराक में हैं कि यह झड़प हो ताकि आने वाले चुनाव में उनका कद बढ़ जाय।


पुलिस और प्रशासन का तंत्र कमजोर हैं इस कारण समय पर उन्हें सूचना नहीं मिल पाती है और यही कारण हैं कि देखते ही देखते शिवधारा का प्रांगण रन क्षेत्र में बदल जाता हैं ?अगर प्रशासन को कल शाम में ही झंडे को लेकर सूचना मिल जाती तो शायद यह घटना नहीं घटती। ऐसे में तंत्र को और  मजबूत कर पुलिस को नजर रखनी पड़ेगी।

शांति समिति की बैठक में भी पुलिस और प्रशासन के कर्मियों द्वारा उन मुद्दों पर बहस नहीं किया जाता जिन मुद्दों से घटना ही नहीं हो। बड़े बड़े पदाधिकारियों के पास बैठने वाले सदस्य दिमागी रूप से उतने कारगर नहीं हैं जो मुहर्रम या अन्य पर्व को शांति रूप से मनाएं जानें को लेकर बेहतर उपाय बताये और उसपर अमल हो ताकि कोई भी उपद्रवी पर्व में उपद्रव नहीं कर सके। थाना ,एसडीओ समेत जिलाधिकारियों के यहां बैठक तो हो जाती हैं लेकिन लोग सही बातें नहीं कह पाते तो निर्णय भी कैसे लिया जाएगा।

इसमें थाना स्तर पर भूमिका बड़ी हो जाती हैं लेकिन शांति समिति की बैठक कर थाना पुलिस के लोग भी खानापूर्ति कर वरीय पदाधिकारियों तक सूचना पहुंचा देते हैं कि उन्होंने बैठक कर ली हैं। झंडे को लेकर कल शाम से ही कवायत हो रही थी तो मब्बी प्रभारी को सूचना क्यू नहीं मिली ?कहाँ गये थे उनके तंत्र
या शांति समिति के लोग ?अगर उन्हें यह सूचना मिल गई रहती तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता ?सिटी एसपी ,एसएसपी ,डीएम और इतने थाने की पुलिस को इतना मशक्कत नहीं करना पड़ता।
बता दें कि बाजार समिति के पास कल शाम में ही झंडा लगाया गया था जिसे लेकर चर्चा गरम हो गया था और इसकी चर्चा होते होते कई बड़े बड़े लोंगों के मोबाईल पर मेसेज हिलोरा मारने लगा था। फिर क्या था उनके समर्थको को धीरे धीरे उबाल मारने लगा और सुबह के दिन बीतते बीतते दोनों पक्ष के लोग अपने रंग में आ गया। पहले हो हंगामा फिर दोनों पक्षों के बीच मारपीट और रोड़ेबाजी शुरू हो गई। कई थाने की पुलिस पहुंची ,एसएसपी  ,सिटी एसपी ,जिलाधिकारी  को घटना स्थल पर पहुंचना पड़ा। जब तक यह पदाधिकारी वहां पहुंचे थे तब तक कई पुलिस कर्मी और कई स्थानीय लोग जख्मी हुये यही नहीं कई वाहन के  क्षतिग्रस्त हो जानें की सूचना हैं । इस रोड़ेबाजी में कई बार पुलिस को पीछे हटना पड़ा। डीएम ,एसएसपी ,सिटी एसपी के पहल के बाद मामला नियंत्रण में किया गया।


इसके बाद शांति समिति के लोग भी वहां पहुंचे ,दोनों पक्षों को समझाकर अलग अलग किया गया। फिलहाल मामला शांत हैं लेकिन दर्जनों पुलिस की प्रतिनियुक्ति वहां कर दी गई हैं ताकि शांति व्यवस्था बहाल रह सके। इधर डीएम और एसएसपी ने उपद्रवियों के पहचान के संबंधित थानाध्यक्ष को निर्देश दिये हैं। आसपास में लगे सीसीटीवी से उपद्रवियों की पहचान की जा सकती हैं। समय रहते इन उपद्रवियों पर कारवाई नहीं हुई तो आगे कोई भी घटना घटने से इंकार नहीं किया जा सकता। सदर थानाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि मामला शांत हैं और उपद्रवियों की पहचान की जा रही हैं